नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत ने ग्रीस और रूस के साथ रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने ग्रीस के शीर्ष सैन्य अधिकारी के साथ सैन्य सहयोग और रक्षा उद्योग में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा की।
वहीं, भारत दौरे पर आए रूस के मॉस्को सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल इगोर अनातोलेविच सेरित्स्की ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने थल सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन के साथ द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को विस्तार देने पर विचार-विमर्श भी किया।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने ग्रीस के राष्ट्रीय रक्षा जनरल स्टाफ के प्रमुख जनरल दिमित्रियोस से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने सैन्य संबंधों को मजबूत करने और साझा रणनीतिक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में भारत और ग्रीस के बीच रणनीतिक हितों में बढ़ती समानता पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने माना कि रक्षा सहयोग को नई दिशा देने के लिए नियमित संवाद और सैन्य संपर्क आवश्यक हैं। इसके लिए दोनों देशों के रक्षा बलों के बीच तकनीकी स्तर पर बातचीत और आदान-प्रदान बढ़ाने पर जोर दिया गया। चर्चा में रक्षा उद्योग के क्षेत्र में सहयोग को भी प्रमुखता दी गई।
दोनों देशों ने साझा हितों वाले क्षेत्रों में रक्षा औद्योगिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की आवश्यकता रेखांकित की। इस पहल का उद्देश्य भारत और ग्रीस के बीच रक्षा सहयोग को अधिक व्यापक बनाना और आपसी रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना है।
भारत और रूस के सैन्य संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों के बीच रूसी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल इगोर अनातोलेविच सेरित्स्की भारत के दौरे पर हैं।
अपने दौरे में उन्होंने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद रूसी सैन्य अधिकारी ने नई दिल्ली के मानेकशॉ केंद्र में थल सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन से मुलाकात की।
दोनों सैन्य अधिकारियों के बीच व्यापक मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय सैन्य संपर्क बढ़ाने तथा आपसी हितों के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर तलाशने पर ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों पक्षों ने सैन्य संबंधों को और प्रभावी बनाने के लिए सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया।
गौरतलब है कि भारत और रूस के बीच लंबे समय से रक्षा सहयोग रहा है। अभी भी दोनों देशों की नौसेना एक संयुक्त युद्धाभ्यास कर रही हैं। भारत और रूस के बीच संयुक्त नौसैनिक अभ्यास इंद्र का समुद्री चरण शुरू होने जा रहा है। रूस में हो रहे इस अभ्यास के समुद्री चरण की तैयारियां पूरी हो गई हैं।
यह अभ्यास 18 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इसके लिए भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि और रूसी नौसेना के युद्धपोत अल्दार त्सिदेनझापोव की संचालन टीमों के बीच योजना सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें रूसी बेड़े के वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारियों ने भी भाग लिया।
