नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को गिरफ्तार कर लिया गया है और शनिवार को उन्हें एसईएम अदालत के सामने पेश किया जाएगा। दिपके को शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में सीजेपी की ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली के दौरान हिरासत में लिया गया था।
सीजेपी की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “अभिजीत को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें एसईएम कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। उनकी लोकेशन अभी पता नहीं है और वकीलों की उनसे मुलाकात नहीं हो पाई है।”
यह हिरासत तब हुई जब सीजेपी के दो सह-संयोजकों, सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद विरोध प्रदर्शनों को लेकर तनाव बढ़ गया था। इन दोनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर में कथित तौर पर प्रवेश करने और राष्ट्रीय ध्वज फहराने के आरोप में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। बता दें कि उससे एक दिन पहले ही विरोध प्रदर्शन के लिए तय की गई इस जगह को ‘डी-नोटिफाई’ (अधिसूचना से बाहर) कर दिया गया था।
एक हफ्ते में यह दूसरी बार था जब दिल्ली पुलिस ने दिपके को हिरासत में लिया। इससे पहले ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में कथित हेरफेर को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मुंबई से राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने के तुरंत बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था।
शुक्रवार को प्रस्तावित रैली से पहले दिल्ली पुलिस ने दिपके को एक नोटिस भेजा, जिसमें बताया गया कि कनॉट प्लेस विरोध प्रदर्शन के लिए अधिकृत जगह नहीं है और नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) ने प्रस्तावित ‘तिरंगा यात्रा’ के लिए अनुमति नहीं दी है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत जारी इस नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि मार्च निकालना या भीड़ इकट्ठा करना इलाके में लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन होगा। अपने आवास पर पुलिसकर्मियों से बातचीत के दौरान दिपके ने अपनी हिरासत के आधार पर सवाल उठाते हुए पूछा, “आपने मुझ पर किस तरह का आरोप लगाया है?”
जब उन्हें बताया गया कि वह नई दिल्ली नहीं जा सकते और उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है तो उन्होंने कहा कि वह कहीं और जा सकते हैं और पूछा कि उन्होंने किस कानून का उल्लंघन किया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन बिना अनुमति के जुलूस निकालना और पाबंदियों का उल्लंघन करते हुए भीड़ इकट्ठा करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। दिपके को राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक प्रदर्शित करने से जुड़े ‘फ्लैग कोड’ (ध्वज संहिता) के नियमों के बारे में भी याद दिलाया गया।
