मानसा, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने इस हत्याकांड पर भगवंत मान सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल उठाए हैं।
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट ने पत्रकारों से कहा, “हम कुछ दिन पहले जैसी घटनाएं देख रहे हैं, जहां किसी को दिनदहाड़े खुलेआम गोली मार दी गई। पंजाब में जो भी व्यक्ति नशे के खिलाफ बोलता है, या सरकार की पोल खोलने का काम करता है, उसे खुलेआम निशाना बनाया जाता है और अपनी जान गंवानी पड़ती है। इससे बड़ी कानून-व्यवस्था की नाकामी और कुछ नहीं हो सकती। यह बेहद दुखद है कि राज्य के मुख्यमंत्री, जिन्हें जिम्मेदारी लेनी चाहिए, भरोसा दिलाना चाहिए और न्याय सुनिश्चित करना चाहिए, वे ऐसा करने में नाकाम हैं।”
उन्होंने कहा कि अगर आप अपने नागरिकों को सुरक्षित नहीं रख सकते हैं, रोज हो रहे गोलीकांड को संभाल नहीं पा रहे हैं, तो मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। वहीं, कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा, “पंजाब इस समय एक अंधेरे दौर से गुजर रहा है। लोगों के खिलाफ बहुत बड़ा अपराध किया जा रहा है, उन पर अत्याचार हो रहा है और उन्हें खुलेआम मारा जा रहा है। परविंदर झोटा, जिन्हें हमने अभी यहां श्रद्धांजलि दी है, उनकी भी हत्या कर दी गई है। लोग सरकार का ध्यान खींचने के लिए गुस्से में आवाज उठाते हैं लेकिन सरकार अपराध करने वालों की मदद करती है। इसीलिए लोग कानून को अपने हाथ में लेते हैं। सरकार को एक्शन लेना चाहिए, गृह मंत्री को एक्शन लेना चाहिए और मुख्यमंत्री को एक्शन लेना चाहिए ताकि इसकी जरूरत ही न पड़े।”
इससे पहले 13 अक्टूबर को परविंदर सिंह की मां ने भावुक होकर कहा था, “मेरा बेटा मुझे कहता था, ‘मां, ये मुझे मार देंगे।’ जाने से पहले मेरे पैर छूकर बोला, ‘मां, मेरा खाना तैयार रखना।’ उन्होंने मेरा अनमोल बेटा छीन लिया। भगवंत मान सरकार ने सब बर्बाद कर दिया है।”
