वर्धा, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को सावंगी (मेघे) स्थित अदाणी इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च (एआईएचईआर) के 17वें दीक्षांत समारोह में प्रभावशाली संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने आधुनिक उच्च शिक्षा की परिवर्तनकारी क्षमता पर जोर दिया।
फडणवीस ने प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, संस्थान के नेताओं और स्नातक छात्रों की सभा को संबोधित करते हुए बहुविषयक शिक्षा, रणनीतिक नवाचार और लक्षित चिकित्सा अनुसंधान के माध्यम से महाराष्ट्र की ज्ञान अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की परिकल्पना प्रस्तुत की।
सीएम ने उभरती हुई प्रमुख प्रौद्योगिकियों विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग को आधुनिक जीवन के हर क्षेत्र को नया रूप देने वाले मुख्य उत्प्रेरक के रूप में उजागर किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक तकनीकी प्रगति के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों को निरंतर विकसित होना चाहिए।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, “विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को नवाचार को पूरी तरह से अपनाना चाहिए, जब तक कि वे अत्याधुनिक अनुसंधान के सच्चे केंद्र न बन जाएं।” उन्होंने राज्य के शैक्षिक बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक उत्पादन को मजबूत करने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी का आह्वान किया।
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने गैर-संक्रामक रोगों के वैश्विक प्रसार से निपटने के लिए चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कैंसर और मधुमेह पर लक्षित अनुसंधान के लिए सशक्त तर्क प्रस्तुत किए। साथ ही उन्नत चिकित्सा प्रौद्योगिकियों के एकीकरण और देखभाल में सहानुभूति और करुणा के विकास पर भी जोर दिया।
उन्होंने मधुमेह और कैंसर के बढ़ते मामलों को एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती के रूप में पहचाना। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि प्रभावी उपचार विकसित करने के लिए वैज्ञानिक उपलब्धियां अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। साथ ही उन्होंने मेडिकल स्नातकों को याद दिलाया कि रोगी देखभाल में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ सहानुभूति और मानवीय करुणा का होना भी आवश्यक है।
संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्नातक छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों की प्रशंसा की और उल्लेख किया कि दीक्षांत समारोह के पदकों में लगभग 80 प्रतिशत महिला छात्रों ने स्थान प्राप्त किया।
इस उपलब्धि को उल्लेखनीय बताते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं का नेतृत्व और उत्कृष्टता देश के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में आधारशिला साबित होगी।
इस भव्य दीक्षांत समारोह ने एआईएचई के लिए एक ऐतिहासिक अध्याय का शुभारंभ किया। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस को उनकी सार्वजनिक सेवा और शासन के सम्मान में औपचारिक रूप से मानद डॉक्टर ऑफ लेटर्स (डीलिट) की उपाधि से सम्मानित किया गया।
फडणवीस ने ग्रामीण विदर्भ से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, चिकित्सा अनुसंधान और व्यावसायिक अवसरों को प्रदान करने की एआईएचई की विरासत की सराहना की।
