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स्टिंग ऑपरेशन विवाद: कुमारस्वामी ने अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई की मांग

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बेंगलुरु, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार को सैकड़ों जेडी(एस) कार्यकर्ताओं के साथ बेंगलुरु में पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक एमए सलीम के कार्यालय तक पदयात्रा का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने स्टिंग ऑपरेशन विवाद में शामिल लोगों की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की।

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) सदस्य सिद्धारमैया की इस घटना पर प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कुमारस्वामी ने पूछा, “क्या यह सब देखकर आपका खून नहीं खौल रहा?”

जेडी(एस) कार्यकर्ताओं के विरोध मार्च में शामिल होने से माहौल में काफी नाटकीयता फैल गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने महानिदेशक-आईजीपी कार्यालय के प्रवेश द्वार पर बैरिकेड लगा दिए थे। प्रदर्शनकारियों को प्रवेश द्वार से हटाकर एक कोने में ले जाया गया, जहां उन्होंने ‘हमें न्याय चाहिए’ के नारे लगाते हुए अपना प्रदर्शन जारी रखा।

राज्य पुलिस प्रमुख सलीम से मुलाकात और ज्ञापन सौंपने के बाद कुमारस्वामी ने पत्रकारों को बताया कि पार्टी के विधायकों और पूर्व विधायकों ने राज्य में हो रहे घटनाक्रमों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए इस मार्च में हिस्सा लिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने इस मामले पर आंखें मूंद ली हैं और कहा कि ज्ञापन में विवाद से संबंधित घटनाओं का विस्तृत विवरण दिया गया है।

कुमारस्वामी ने कहा कि स्टिंग ऑपरेशन का मकसद कथित तौर पर सिद्धारमैया की छवि खराब करना था। उन्होंने आगे कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री उस वीडियो में मौजूद नहीं थे, जिसमें कथित तौर पर दो या तीन लोगों के बीच बातचीत हो रही थी।

उन्होंने बातचीत के उद्देश्य पर सवाल उठाया और मांग की कि इसे किन परिस्थितियों में रिकॉर्ड किया गया, इसका पता लगाया जाए।

उन्होंने पूछा कि वीडियो में दिख रहा मीडियाकर्मी दावा करता है कि उसने स्टिंग ऑपरेशन किया था। लेकिन यह वीडियो सिद्धारमैया के नाम से क्यों बनाया गया?

वीडियो में दिख रही महिला का जिक्र करते हुए कुमारस्वामी ने उसके और सिद्धारमैया के बारे में की गई टिप्पणियों पर सवाल उठाया।

उन्होंने पूछा कि वीडियो में महिला से पूछा जा रहा है कि उसने सिद्धारमैया के साथ कितने घंटे बिताए। क्या इसे देखकर सिद्धारमैया का खून नहीं खौल रहा? उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से उचित प्रतिक्रिया न मिलने पर निराशा व्यक्त की।

सिद्धारमैया को सीधे संबोधित करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि यह मुद्दा केवल एक व्यक्ति से संबंधित नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि दोनों नेताओं ने साथ मिलकर काम किया है और प्रमुख मुद्दों पर राजनीतिक रूप से एक-दूसरे का विरोध भी किया है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस विवाद का गंभीरता से जवाब देना आवश्यक है।