अयोध्या, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामलला के दर्शन के लिए सुगम दर्शन पास व्यवस्था में व्यापक बदलाव करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु अब 15 दिन के बजाय 90 दिन पहले से दर्शन की योजना बना सकेंगे। इसके साथ ही सामान्य श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन सुगम दर्शन पासों की संख्या 975 से बढ़ाकर 2,000 कर दी गई है।
ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविन्ददेव गिरि जी महाराज ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ये निर्णय लिए हैं। सीईओ एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्र (सेवानिवृत्त), आईटी विभाग और ट्रस्ट के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श के बाद उन्होंने व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।
ट्रस्ट के अनुसार, ऑनलाइन पासों की उपलब्धता तत्काल प्रभाव से बढ़ा दी गई है। श्रद्धालुओं की मांग और बुकिंग की स्थिति की लगातार समीक्षा की जाएगी। जरूरत पड़ने पर पासों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बिना किसी सिफारिश या बिचौलिए के सीधे ऑनलाइन पास प्राप्त करने की सुविधा देना है।
नई व्यवस्था के तहत सुगम दर्शन पास दर्शन की तारीख से 90, 62, 30, 14, 7, 3 और एक दिन पहले उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा दर्शन वाले दिन तत्काल पास भी जारी किए जाएंगे। इस तरह पास वितरण के कुल आठ चरण होंगे।
ट्रस्ट का मानना है कि चरणबद्ध तरीके से पास उपलब्ध कराने से श्रद्धालुओं को अपनी सुविधानुसार बुकिंग करने का अवसर मिलेगा। विशेष रूप से दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु पहले से यात्रा की योजना बनाकर रेल टिकट, आवास और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं कर सकेंगे। वहीं, बाद में यात्रा का कार्यक्रम बनाने वाले लोगों को भी पास प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
ट्रस्ट ऑनलाइन बुकिंग में स्वचालित तकनीकी माध्यमों के दुरुपयोग को रोकने और वास्तविक श्रद्धालुओं को निष्पक्ष अवसर देने के लिए नई सत्यापन आधारित प्रणाली विकसित कर रहा है। इस प्रणाली के तहत अग्रिम बुकिंग के लिए आवेदन जमा करने के तुरंत बाद पास की पुष्टि नहीं होगी। आवश्यक तकनीकी सत्यापन के बाद सामान्यतः 24 से 48 घंटे के भीतर पास जारी करने के संबंध में सूचना दी जाएगी। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि केवल आवेदन जमा करना पास की पुष्टि नहीं माना जाएगा।
नई व्यवस्था से असामान्य और संदिग्ध बुकिंग गतिविधियों की पहचान करने तथा उनकी जांच करने में मदद मिलेगी। हालांकि, दर्शन वाले दिन जारी होने वाले तत्काल पासों की पुष्टि तुरंत की जाएगी। उन पर 24 से 48 घंटे की प्रतीक्षा अवधि लागू नहीं होगी।
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि सुगम दर्शन पास पूरी तरह निःशुल्क हैं। पास प्राप्त करने के लिए किसी भी व्यक्ति को कोई शुल्क देने की जरूरत नहीं है। यदि कोई व्यक्ति पास के नाम पर पैसे मांगता है या वसूलता है, तो श्रद्धालु इसकी शिकायत सीधे ट्रस्ट से कर सकेंगे। महासचिव के निर्देश पर शिकायत दर्ज कराने की सुविधा विकसित की जा रही है। ट्रस्ट के अनुसार, शिकायत के दोनों माध्यमों को आगामी एक सप्ताह में सक्रिय करने की तैयारी है। प्राप्त शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुगम दर्शन पास के लिए केवल अधिकृत वेबसाइट का इस्तेमाल करें और किसी भी व्यक्ति या बिचौलिए को पास दिलाने के नाम पर पैसे न दें।
ट्रस्ट ने ऑनलाइन पास बुकिंग प्रणाली को आधुनिक तकनीक के अनुरूप अधिक सुरक्षित बनाने का काम भी शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य अनधिकृत बुकिंग, तकनीकी दुरुपयोग और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाना है। ट्रस्ट के अनुसार, ऑनलाइन पासों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लागू हो चुका है। वहीं, चरणबद्ध पास वितरण, नई सत्यापन प्रणाली और अन्य तकनीकी सुधार आवश्यक सॉफ्टवेयर बदलाव तथा परीक्षण के बाद आगामी दिनों में क्रमशः लागू किए जाएंगे।
स्वामी गोविन्ददेव गिरि जी महाराज ने निर्देश दिया है कि दर्शन व्यवस्था में श्रद्धालुओं की सुविधा, पारदर्शिता और सेवाभाव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। ट्रस्ट की इस पहल का उद्देश्य प्रत्येक रामभक्त को श्रीरामलला के दर्शन के लिए सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
