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चुनाव आयोग विश्वसनीय संस्था नहीं, अपने पाप छुपाने का कर रही प्रयास : झारखंड मुक्ति मोर्चा

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रांची, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के प्रवक्ता मनोज पांडे ने सोमवार को आईएएनएस से बात करते हुए एक बार फिर चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब एक विश्वसनीय संस्था नहीं रह गई है। जब भी उस पर दबाव पड़ता है, वह अपने ही फैसलों से यू-टर्न ले लेती है।

उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “जब से चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध शुरू हुआ है, तब से आप देखिए आयोग ने कितने सुधार किए हैं। अपने ही किए गए कई कामों को खुद ही अनुचित बताया और फिर उसे सुधारा। इससे साफ है कि आयोग दबाव में काम कर रहा है। अब वह जो कुछ भी कर रही है, वह अपने किए गए पापों को छुपाने का प्रयास मात्र है।”

जेएमएम प्रवक्ता ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन चुनाव और जनादेश से होता है, यह सभी जानते हैं। लेकिन जब जनादेश से सरकार न हटे, तो दूसरा रास्ता जन आंदोलन ही बचता है।

उन्होंने कहा, “जब जनादेश न मिले, तो रास्ता यही है कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक व्यापक आंदोलन हो, एक क्रांति हो। जन दबाव के आगे आखिरकार सरकार को झुकना पड़ेगा और इस्तीफा देना पड़ेगा। जिस तरह के कुकृत्यों में केंद्र सरकार लिप्त है और जिस तरह वोट चोरी के दम पर वह सत्ता में आई है, उसके खिलाफ जन दबाव लोकतंत्र में बहुत महत्वपूर्ण है।”

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज पांडे ने इसे सरकार द्वारा पोषित गुंडों का कारनामा बताया। उन्होंने कहा कि जिसका नाम इस मामले में आ रहा है, वह जेल में बंद होने के बावजूद अंडरवर्ल्ड चला रहा है। सभी लोग जानते हैं कि उसे किसका समर्थन और सहयोग प्राप्त है। यह पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा पोषित गुंडों द्वारा किया गया अपराध है।

पश्चिम बंगाल के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना पर मनोज पांडे ने सुवेंदु सरकार को पूरी तरह से विफल बताया। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही करार दिया।

उन्होंने कहा, “वहां तमाम पुलिसकर्मी वीवीआईपी सुरक्षा में लगे हुए थे और भीड़ को नियंत्रित करने का कोई प्रबंध नहीं था। उन्हें झारखंड से सीखना चाहिए। रांची में देखिए, दुर्गा पूजा की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने क्या-क्या उपाय कर रखे हैं और प्रशासन कितना मुस्तैद है।”

उन्होंने आगे कहा कि दुर्गा पूजा सनातन धर्म का सबसे बड़ा पर्व है, लेकिन कुछ ढोंगी सनातनी लोग सिर्फ राजनीति करना जानते हैं। इतने बड़े त्योहार पर इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार सरकार और प्रशासन की पूरी विफलता को दर्शाता है।