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असम की ‘निजुत बाबू मोइना’ योजना से 5.42 लाख विद्यार्थियों को लाभ, हिमंता बिस्वा सरमा ने गिनाईं उपलब्धियां

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गुवाहाटी, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार की निजुत बाबू मोइना योजना से 5.42 लाख विद्यार्थियों को सहायता मिल रही है, जो शिक्षा के माध्यम से युवा महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर एक पोस्ट में कहा कि इस पहल का उद्देश्य असम की बेटियों को शिक्षा प्राप्त करने और बेहतर अवसरों की आकांक्षा रखने में सहायता प्रदान करके उन्हें अपना भविष्य स्वयं संवारने में सक्षम बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हर लड़की में निहित शक्ति का सम्मान करते हुए हम असम की बेटियों को अपना भविष्य स्वयं संवारने के लिए सशक्त बना रहे हैं। निजुत बाबू मोइना के माध्यम से हम 5.42 लाख विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता और बड़े सपनों की ओर बढ़ने में सहायता कर रहे हैं।”

यह योजना असम सरकार के उन व्यापक प्रयासों का हिस्सा है जिनका उद्देश्य लड़कियों को अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना, स्कूल और कॉलेज छोड़ने की दर को कम करना और उन सामाजिक बाधाओं को दूर करना है जो युवा महिलाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने से रोकती हैं।

निजुत बाबू मोइना पहल राज्य सरकार की पिछली निजुत मोइना योजना पर आधारित है, जिसे उच्च माध्यमिक, स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था।

इस व्यापक पहल का उद्देश्य परिवारों को अपनी बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित करना और शिक्षा को सुलभ बनाकर बाल विवाह को हतोत्साहित करना है। निजुत मोइना योजना के तहत पात्र छात्राओं को निर्धारित पात्रता शर्तों के अधीन, शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर मासिक वित्तीय सहायता प्राप्त होती है।

इस सहायता का उद्देश्य छात्रों को शिक्षा संबंधी खर्चों को पूरा करने में मदद करना और उनके परिवारों पर वित्तीय बोझ को कम करना है। सरकार ने इस पहल को शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं के नामांकन और उनकी शिक्षा जारी रखने में सुधार लाने के साथ-साथ युवा महिलाओं में अधिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में प्रस्तुत किया है।

इस योजना के जुड़ने से राज्य की शिक्षा सहायता पहलों का दायरा पुरुष छात्रों तक भी बढ़ गया है, जबकि निजुत मोइना योजना का मुख्य ध्यान अभी छात्राओं पर ही केंद्रित है। सरकार का व्यापक उद्देश्य शिक्षा तक पहुंच में सुधार करना और युवाओं को अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अनुकूल परिस्थितियां प्रदान करना है।