मुंबई, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना पर समाजवादी पार्टी (सपा) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और सरकार का ध्यान मूल मुद्दों से भटक गया है।
आईएएनएस से बातचीत में अबू आजमी ने कहा, “पहले बाबा सिद्दीकी, अब टाइगर श्रॉफ, और यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता। इससे पहले भी कई हत्याएं हुई हैं, लेकिन वे लोग मशहूर या जाने-माने चेहरे नहीं थे, इसलिए उनके मामलों को उतनी अहमियत नहीं मिली। मुंबई में हत्याएं आम हो गई हैं। मानखुर्द शिवाजी नगर में तो बहुत छोटी-छोटी बातों पर हत्याएं हो रही हैं। कानून-व्यवस्था की हालत बहुत खराब हो चुकी है।”
उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार अपनी पूरी ताकत एक समुदाय को निशाना बनाने में लगा रही है। यह सरकार अपनी पूरी ताकत मुसलमानों को बेइज्जत करने में लगा रही है। यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लाने की बात, मस्जिदों की मीनारें तोड़ना, मस्जिदों से अजान बंद करवाना, मस्जिद के बाहर नमाज पढ़ने पर केस दर्ज करना, इन सब चीजों पर बहुत ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन कानून-व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं है।
आजमी ने कहा कि भारत की पहचान पूरी दुनिया में महान देश के रूप में है और भारत की पुलिस व्यवस्था को स्कॉटलैंड पुलिस से भी बेहतर माना जाता है, फिर भी अपराधों पर लगाम नहीं लग पा रही है।
उन्होंने कहा, “सिंगापुर में मर्डर करने की किसी की हिम्मत क्यों नहीं पड़ती? अरब देशों में कोई मर्डर क्यों नहीं करता? और अगर वहां कोई अपराध करता भी है, तो कितने दिनों में फैसला हो जाता है, जरा इतिहास के पन्नों को निकाल कर देख लीजिए। उन देशों में डकैती, चोरी, लूटमार, रेप और मर्डर के कितने केस होते हैं, इसकी जानकारी ले लीजिए। हमारे यहां हर साल अपराध बढ़ता जा रहा है। हम उन देशों की तरह सख्त कानून क्यों नहीं अपनाते? वैसा कानून क्यों नहीं बनाते?”
उन्होंने कहा कि आज मुंबई में लोगों में डर का माहौल है कि कब क्या हो जाएगा। अपराध करने के बाद खुलेआम उसकी जिम्मेदारी ली जा रही है और चुनौती दी जा रही है। यह सरकार के लिए बहुत ही शर्म की बात है। इस पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दिन-ब-दिन नशे का कारोबार बढ़ता जा रहा है, लेकिन इस पर कोई रोक नहीं लग रही है। इन चीजों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। एक आदमी जेल में बंद है और उसके नाम से इतना डराया जा रहा है, तो जनता क्या समझेगी? देश के अंदर क्या हो रहा है, यह मजाक बन गया है। अभी आप किसी को पकड़ेंगे और थोड़े दिनों बाद लोग भूल जाएंगे और फिर वो छूट जाएंगे।
टाइगर श्रॉफ मामले में कोटा से पकड़े गए तीन संदिग्धों, जिनमें दो नाबालिग हैं, पर टिप्पणी करते हुए अबू आजमी ने कहा, “सबसे पहली और अहम मांग मेरी यह है कि नाबालिग की उम्र सीमा को 17 साल से घटाकर 14 साल कर दिया जाना चाहिए। 15 या 16 साल की उम्र में युवाओं का खून गर्म होता है, वे किसी से नहीं डरते और कुछ भी कर सकते हैं। इस उम्र सीमा को घटाकर 12, 13 या 14 साल कर देना चाहिए। अगर वे हत्या जैसे गंभीर अपराध करते हैं, तो उन्हें भी वही सजा मिलनी चाहिए जो किसी बालिग अपराधी को मिलती है।”
