मुर्शिदाबाद, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना को लेकर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा दावा करती है कि जहां डबल इंजन की सरकार होती है, वहां सभी समस्याओं का समाधान हो जाता है, लेकिन मौजूदा घटनाएं इस दावे की हकीकत उजागर कर रही हैं।
मुर्शिदाबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि कोलकाता और मुंबई जैसे बड़े शहरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “डबल इंजन सरकार का मतलब बताया गया था कि लोग चैन से रह सकेंगे, लेकिन अब इसकी सच्चाई सामने आ रही है। डबल इंजन सरकार से धुआं निकलने लगा है।”
अधीर रंजन चौधरी ने कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन और पुलिस ने पहले से सुरक्षा इंतजामों पर पर्याप्त ध्यान दिया होता तो इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था। दुर्गा पूजा पंडाल को अनुमति देने से पहले यदि भीड़ प्रबंधन और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती तो इतना भयावह और हृदयविदारक हादसा नहीं होता। अब कई लोगों की जान जा चुकी है और अनेक लोग जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, इसलिए प्रशासन को अधिक सतर्क रहना चाहिए था। उनके अनुसार पर्याप्त तैयारी और प्रभावी भीड़ नियंत्रण व्यवस्था से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था।
बता दें कि कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में सप्तमी की रात मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद प्रशासन ने गिरीश पार्क पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी सुमित कुमार घोष को हटा दिया। उनकी जगह कोलकाता पुलिस के डिटेक्टिव विभाग के अधिकारी हीरक दलापति को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आधिकारिक आदेश के अनुसार, वह अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों के साथ-साथ अगले आदेश तक गिरीश पार्क थाने के प्रभारी का कार्य भी संभालेंगे।
घटना के बाद लालबाजार स्थित पुलिस मुख्यालय ने सभी थानों को 11 कड़े निर्देश जारी किए हैं। साथ ही दुर्गा पूजा के शेष दिनों में भीड़ प्रबंधन को मजबूत करने के लिए नौ अनुभवी आईपीएस अधिकारियों की तैनाती की गई है।
भगदड़ के बाद प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने पुलिस एवं प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। लोगों का आरोप है कि भीड़ नियंत्रण में गंभीर लापरवाही हुई और हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू होने में भी देरी हुई। इस मामले में गिरफ्तार सात आरोपियों को कोर्ट ने 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
