SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय कोटिया क्षेत्र में आंध्र प्रदेश द्वारा चुनाव कराने की घोषणा पर नवीन...

कोटिया क्षेत्र में आंध्र प्रदेश द्वारा चुनाव कराने की घोषणा पर नवीन पटनायक ने सीएम माझी को घेरा, मांगा जवाब

0
4

भुवनेश्वर, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक ने सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर कोटिया क्षेत्र में आंध्र प्रदेश द्वारा चुनाव कराने की घोषणा पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कोटिया ओडिशा का अभिन्न हिस्सा है और राज्य सरकार को इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

अपने पत्र में पटनायक ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए उनकी सरकार ने ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष किया था। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा नेता भी पहले यह दावा करते रहे हैं कि कोटिया ओडिशा का हिस्सा है और उन्होंने “गो बैक आंध्र” जैसे नारे भी लगाए थे।

उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव से पहले भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि डबल इंजन सरकार बनने पर कोटिया विवाद का स्थायी समाधान निकाला जाएगा, ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा की जाएगी और “ओड़िया स्वाभिमान” को मजबूत किया जाएगा। पटनायक ने सवाल किया कि उन वादों का क्या हुआ।

बीजेडी प्रमुख ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि ओडिशा में डबल इंजन सरकार होने के बावजूद आंध्र प्रदेश ने कोटिया में चुनाव कराने की घोषणा कर दी है।

उन्होंने तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) की भूमिका पर भी सवाल उठाया। पटनायक ने कहा कि आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ टीडीपी केंद्र में भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए की महत्वपूर्ण सहयोगी है। उन्होंने पूछा कि क्या राजनीतिक निर्भरता ही वह वजह है, जिसके कारण ओडिशा की भाजपा सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है और राज्य के हितों तथा क्षेत्रीय अखंडता से समझौता कर रही है।

पत्र में पटनायक ने वर्ष 2025 में गठित 16 सदस्यीय उच्चस्तरीय कोटिया समिति की सिफारिशों और उन्हें लागू करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी मांगी।

उन्होंने लिखा कि ओडिशा की जनता इन वादों पर स्पष्ट जवाब और जवाबदेही की हकदार है। उन्होंने जानना चाहा कि क्या राज्य सरकार ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ी होगी या फिर एक बार फिर केंद्र के दबाव के आगे झुक जाएगी।

पटनायक ने यह सवाल भी उठाया कि क्या “गो बैक आंध्र” का नारा केवल चुनावी जुमला था, जैसा कि कई अन्य अधूरे वादों के साथ हुआ। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह निर्णायक कदम उठाए और कोटिया पर ओडिशा के अधिकार को बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करे।