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सपा का सनातन विरोधी चेहरा उजागर, एसआईआर पर भ्रम फैला रहा विपक्ष : भूपेंद्र चौधरी

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मुरादाबाद, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म, मठ-मंदिरों और भगवान श्री राम के प्रति सपा का रुख किसी से छिपा नहीं है और प्रदेश के लोग कारसेवकों का नरसंहार भूले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 20 साल बाद हो रहे वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष भ्रम फैला रहा है जबकि इसका मकसद पात्र मतदाताओं को जोड़ना और अयोग्य वोटरों को हटाना है।

मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा, “सनातन धर्म, हमारी संस्कृति और परंपराओं, आस्था और मठ-मंदिरों के प्रति समाजवादी पार्टी का रुख किसी से छिपा नहीं है। पार्टी ने बार-बार दिखाया है कि वह हमारे मठों, मंदिरों, संतों और सनातन धर्म को किस नजर से देखती है और उसके नेताओं का उनके प्रति रवैया भी सभी जानते हैं। भगवान राम के प्रति उसका रुख भी जगजाहिर है, जिसमें राम मंदिर आंदोलन के दौरान कारसेवकों का नरसंहार भी शामिल है।”

उन्होंने कहा कि आजम खान सपा के बड़े नेता हैं और अखिलेश यादव ने जिस तरह से उनका साथ छोड़ा, इसे लेकर उनके मन में नाराजगी और असहजता है। चुनाव का समय है, ये चुनावी लोग हैं और चुनावी एजेंडा है। ये चुनाव के कारण मिलने जा रहे हैं और इसके पीछे दूसरी कोई वजह नहीं है।

सपा प्रमुख को घेरते हुए उन्होंने कहा कि देश में एक संवैधानिक व्यवस्था है और भारत का चुनाव आयोग उसी व्यवस्था का हिस्सा है। हर साल, चुनावों से पहले चुनाव आयोग मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण करता है। इस बार, 20 साल बाद मतदाता सूचियों का एसआईआर किया गया। इसका उद्देश्य पात्र मतदाताओं को जोड़ना और अपात्र प्रविष्टियों को हटाना है।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और विपक्ष ने इसे एक विशेष समुदाय और जाति के पक्ष से इसे जोड़ दिया। इसकी वजह से समाज में जो मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति है, मुस्लिम समाज देश के विकास में सहभागी न बन सके, यही उनका एजेंडा है। जो योग्य हैं, वहीं मतदाता सूची में जाएंगे और बाकी लोगों को हटाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हाल की घटनाओं और घटनाक्रमों के संदर्भ में अपना बयान दिया है। दिल्ली में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर जिस तरह भ्रम फैलाया जा रहा है और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति पूरे देश में माहौल खराब किया जा रहा है, ये सब एक विदेशी साजिश की ओर इशारा करता है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने पिछले दिनों इसे लेकर अपनी बात भी रखी थी।