भोपाल, 20 अक्टूबर (आईएएनएस) । विजयादशमी के अवसर पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शस्त्र पूजन किया जाने के साथ पथ संचलन निक्ला । राजधानी में लगभग 50 स्थानों पर संचालन निक्ला गया । विजयादशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से निकाले गए पथ संचलन मे हजारों स्वयंसेवकों ने सहभागिता की।
पूर्ण गणवेश में कदमताल करते स्वयंसेवकों के अनुशासित संचलन ने नगर में राष्ट्रभक्ति, संगठन शक्ति और सामाजिक समरसता का वातावरण निर्मित किया। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया और उनका उत्साहवर्धन किया। अंबेडकर नगर की कोटरा बस्ती में सरस्वती स्कूल परिसर से पथ संचलन में प्रांत संघ चालक अशोक पांडे मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने संघ की स्थापना, उसकी सौ वर्ष की यात्रा और वर्तमान परिदृश्य में संघ कार्य की भूमिका पर विचार रखे।
पंच परिवर्तन के विषय को विस्तार से समझाते हुए समाज में जागरूकता, संगठन और सेवा भाव को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। विभिन्न बस्तियों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से स्वयंसेवकों को समाज के बीच सक्रिय रहकर सेवा कार्यों में योगदान देने, सामाजिक समरसता बढ़ाने और राष्ट्रहित के कार्यों में सहभागी बनने की प्रेरणा दी गई। राजधानी भोपाल में अभी तक 68 संचलन निकल चुके हैं 150 से अधिक निकालने की योजना है।
आगामी 25 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती के दिन बड़ी संख्या में पथ संचलन संपन्न होंगे। अंबेडकर नगर के नेहरू नगर बस्ती में डी सेक्टर स्थित पानी की टंकी के पास शस्त्र पूजन एवं पथ संचलन का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता कैलाश लोवंशी ने पंच परिवर्तन की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। उन्होंने संघ की पृष्ठभूमि, स्थापना के उद्देश्यों और वर्तमान समय में संगठित समाज की आवश्यकता पर विचार रखे।
प्रचलित विमर्श, देश के वर्तमान परिदृश्य और आगामी वैचारिक चुनौतियों के संदर्भ में भी स्वयंसेवकों को समाज के प्रति अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। अंबेडकर बस्ती स्थित आराधना उद्यान में आयोजित कार्यक्रम में संघ की सौ वर्ष की यात्रा, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन और पंच परिवर्तन जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
वक्ताओं ने परिवार को संस्कारों की पहली पाठशाला बताते हुए परिवार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर आत्मीयता का भाव विकसित करने और समाज के सभी वर्गों के साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया। पंच परिवर्तन के माध्यम से नागरिक जीवन में सकारात्मक व्यवहार, सामाजिक दायित्व और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का आह्वान किया गया।
–आईएएनएस
एसएनपी/पीएम
