नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को दिल्ली के लाल किला मैदान में लव कुश रामलीला समिति द्वारा आयोजित दशहरा समारोह में भाग लिया।
सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने दशहरा के शुभ अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह त्योहार बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है।
उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि प्रभु श्री राम का जीवन मर्यादा, त्याग, प्रेम, भाईचारा, माता-पिता के प्रति आदर और कर्तव्यनिष्ठा के मूल्यों से लोगों को प्रेरित करता रहता है। उन्होंने कहा कि इन आदर्शों को दैनिक जीवन में अपनाने से मजबूत परिवार, एक सामंजस्यपूर्ण समाज और एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण होगा।
रावण का पुतला जलाने का जिक्र करते हुए सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि यह अवसर अहंकार, क्रोध, लोभ, ईर्ष्या और अन्य नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विजय प्राप्त करके अपने भीतर के रावण को नष्ट करने का गहरा संदेश भी देता है। उन्होंने लोगों से समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता के बंधन को मजबूत करने का आह्वान किया।
उपराष्ट्रपति ने मादक पदार्थों के दुरुपयोग की चुनौती पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मादक पदार्थों का सेवन देश के युवाओं के स्वास्थ्य, क्षमता और भविष्य के लिए खतरा है। उन्होंने युवाओं से मादक पदार्थों से दूर रहने का आग्रह किया और भारत से मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खतरे को खत्म करने के लिए सामूहिक संकल्प का आह्वान किया।
उपराष्ट्रति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आज दिल्ली के लाल किले के मैदान में दशहरा समारोह में भाग लिया। दशहरा हमें याद दिलाता है कि सत्य और धर्म हमेशा बुराई पर विजय प्राप्त करते हैं। आइए हम अपने भीतर के रावण को जीतने का संकल्प लें और अहंकार, क्रोध, लोभ और अन्य नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विजय प्राप्त करें।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम के आदर्श हमें एक सामंजस्यपूर्ण समाज और एक विकसित भारत की ओर मार्गदर्शन करते रहें।
