मुंबई, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले की जांच में अब धमकी भरे ऑडियो क्लिप की आवाज की पहचान करने पर फोकस किया जा रहा है। मुंबई पुलिस इस ऑडियो की आवाज का मिलान पंजाब, दिल्ली और राजस्थान पुलिस के पास मौजूद ‘वॉयस बैंक’ से करने की तैयारी कर रही है।
इन वॉयस बैंक में कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों की आवाज के सैंपल मौजूद हैं। जांच एजेंसियां इन रिकॉर्डिंग की मदद से पता लगाने की कोशिश करेंगी कि वायरल ऑडियो में सुनाई देने वाली आवाज किसकी है और क्या उसका संबंध गैंग से जुड़े किसी व्यक्ति से है।
मुंबई पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक, इस बार जांच के दायरे में अनिल पंडित की आवाज से जुड़ी कथित ऑडियो क्लिप भी है, जो टाइगर श्रॉफ को धमकी दिए जाने के बाद सामने आई थी। हालांकि, इस ऑडियो की प्रामाणिकता की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस आवाज का मिलान करने के साथ यह भी जांच करेगी कि ऑडियो में सुनाई देने वाला व्यक्ति वास्तव में कौन है।
सूत्रों का कहना है कि धमकी भरे ऑडियो की जांच में सबसे बड़ी चुनौती आवाज की पहचान करना है क्योंकि अलग-अलग मामलों में अलग नाम और अलग आवाजों के जरिए धमकियां दिए जाने की बात सामने आती रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के पास बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों के 200 से ज्यादा ऑडियो सैंपल का डेटाबेस है। वहीं, पंजाब और राजस्थान पुलिस के पास भी ऐसे वॉयस बैंक मौजूद हैं। इन रिकॉर्डिंग की मदद से संदिग्ध आवाज का मिलान किया जा सकता है। इससे जांच एजेंसियों को यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि धमकी भरे ऑडियो का संबंध किसी पुराने मामले या पहले से जांच के दायरे में रहे व्यक्ति से है या नहीं।
इससे पहले सलमान खान, आमिर खान, रोहित शेट्टी और बाबा सिद्दीकी समेत अन्य लोगों को मिली कथित धमकियों से जुड़े ऑडियो क्लिप की जांच में भी इसी तरह वेरिफिकेशन किया गया था।
