नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। त्योहारी सीजन में फ्रेशर्स की मांग में तेज उछाल दर्ज किया गया है और एडटेक सेक्टर में हायरिंग की संभावना 50 प्रतिशत बढ़ गई है। यह जानकारी गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
टीमलीज एडटेक की रिपोर्ट में कहा गया कि डिजिटल एडवाइजिंग और मार्केटिंग में उन युवा फैशर्स के लिए मौके बढ़ रहे हैं, जिनके पास इंडस्ट्री में मान्यता प्राप्त कौशल मौजूद है।
मुंबई में डिजिटल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव की मांग 48 प्रतिशत रही और मार्केटिंग व विज्ञापन क्षेत्र में फ्रेशर्स की भर्ती का इरादा 2026 की पहली छमाही के 62 प्रतिशत की तुलना में, 2026 की दूसरी छमाही में 59 प्रतिशत दर्ज किया गया।
रिपोर्ट में बताया गया कि बाजार में कुछ नरमी के बावजूद, विशेष एंट्री-लेवल भूमिकाओं की मांग यह दर्शाती है कि ऐसे उम्मीदवारों की अहमियत बनी हुई है, जिनके पास डिजिटल विज्ञापन प्लेटफॉर्म, कैंपेन के प्रदर्शन और ऑडियंस एंगेजमेंट की व्यावहारिक समझ हो।
रिपोर्ट में ‘प्रोग्रामैटिक एडवरटाइजिंग एसोसिएट’ और ‘डिजिटल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव’ को देश भर की शीर्ष पांच फ्रेशर भूमिकाओं में शामिल किया गया है। इससे पता चलता है कि एंट्री-लेवल नौकरियों के क्षेत्र में डिजिटल-फर्स्ट क्षमताओं का महत्व आज भी बरकरार है।
परफॉरमेंस मार्केटिंग एनालिटिक्स भी एक महत्वपूर्ण स्किल के रूप में उभरा है। इससे यह जरूरी हो गया है कि उम्मीदवार डिजिटल मार्केटिंग की मुख्य क्षमताओं के साथ-साथ कैंपेन को मापने, डेटा को समझने और परफॉरमेंस के आधार पर फैसले लेने की समझ भी रखें।
रिपोर्ट में विशेष विज्ञापन क्षमताओं के बढ़ते महत्व पर भी जोर दिया गया है, क्योंकि नियोक्ता ऐसे टैलेंट की तलाश में हैं जो डेटा-आधारित मार्केटिंग और कैंपेन को लागू करने में योगदान दे सकें।
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि भारत में फ्रेशर्स की भर्ती का कुल इरादा 2026 की पहली छमाही के 73 प्रतिशत से बढ़कर, 2026 की दूसरी छमाही में 75 प्रतिशत हो गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, “यह व्यापक सुधार इस बात को रेखांकित करता है कि शिक्षा और प्रशिक्षण को उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप होना चाहिए।”
नियोक्ता ऐसे उम्मीदवारों की तलाश करते हैं जो विज्ञापन और मार्केटिंग के क्षेत्र में अपने ज्ञान को व्यावहारिक रूप से खासकर कैंपेन ऑप्टिमाइजेशन, ऑडियंस टारगेटिंग, मीडिया प्लानिंग, सर्च मार्केटिंग और ऐड परफॉरमेंस एनालिटिक्स के क्षेत्रों में लागू कर सकें
रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलते माहौल में अपनी रोजगार क्षमता को मजबूत करने के लिए फ्रेशर्स को उद्योग से जुड़े सर्टिफिकेशन और व्यावहारिक सीखने पर ध्यान देना चाहिए।
