बेंगलुरु, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। बेंगलुरु के पुलकेशीनगर में निर्माणाधीन इमारत में हुए विस्फोट की जांच एनआईए कर सकती है। पुलिस की ओर से गुरुवार को बताया गया कि बेंगलुरु के पुलकेशीनगर में निर्माणाधीन इमारत में हुए संदिग्ध इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अपने हाथ में ले सकती है।
शुरुआती जांच से संकेत मिला है कि धमाके के लिए आईईडी का इस्तेमाल किया गया था। एनआईए ने बेंगलुरु पुलिस से इस घटना के बारे में रिपोर्ट मांगी है। साथ ही, स्थानीय पुलिस और ‘सीन ऑफ क्राइम ऑफिसर्स’ (एसओसीओ) टीम से भी रिपोर्ट ले ली गई है। आगे और जांच की जरूरत पड़ेगी तो एजेंसी घटनास्थल का मुआयना कर सकती है।
फिलहाल, बेंगलुरु पुलिस और एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) इस घटना की जांच कर रही है। विस्फोटक उपकरण किन परिस्थितियों में इमारत तक पहुंचाया गया और इसके पीछे कौन है? इसको लेकर भी जांच की जा रही है।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, आईईडी को एक डिब्बे में छिपाकर रखा गया था, जिसे पार्सल के तौर पर निर्माणाधीन इमारत में पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने सुरक्षा स्टाफ को फोन करके कहा कि वे डिब्बा ले लें और उसे इमारत के अंदर रख दें। फोन करने वाले ने दावा किया था कि पार्सल में एक टॉर्च है।
निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षा गार्ड ने डिब्बा लिया और उसे इमारत के अंदर रख दिया। बाद में जब डिब्बा खोला गया और उसकी बैटरी चालू की गई, तो धमाका हो गया। इस धमाके में वहां मौजूद एक पेंटर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति की उंगली कट गई जबकि दूसरे को मामूली चोटें आईं।
पुलिस अब उस अज्ञात कॉल का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस उस व्यक्ति की पहचान करने में जुटी हैं, जिसने सुरक्षा गार्ड को पार्सल लेने के लिए कहा था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि डिब्बा वहां तक कैसे पहुंचा और क्या इस विस्फोटक उपकरण को वहां रखने में कोई और भी शामिल था।
आईईडी के इस्तेमाल की बात सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह घटना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है या फिर इसके पीछे कोई निजी दुश्मनी है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं कोई निजी विवाद तो इस धमाके की वजह नहीं है।
सुरक्षा एजेंसियां इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इसमें शामिल लोगों को बैटरी का इस्तेमाल करके आईईडी बनाने की तकनीकी जानकारी कैसे मिली? पुलिस अब इस उपकरण के डिजाइन, इसमें इस्तेमाल की गई सामग्री, और धमाका करने के तरीके की जांच करेगी।
बता दें कि बेंगलुरु के पुलकेशीनगर में निर्माणाधीन इमारत में हुए विस्फोट के पीछे ‘इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस’ (आईईडी) होने का संदेह है। वहीं, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि विस्फोट के असली कारण का पता लगाने के लिए लैब रिपोर्ट का इंतजार करना होगा।
