बैंकॉक/कुआलालंपुर, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। थाईलैंड और मलेशिया ने अपने नागरिकों से अपील की है कि वो यूरोप के उन देशों में जाने से बचें जहां विरोध प्रदर्शन जारी हैं। थाईलैंड ने गैर-जरूरी यात्रा टालने की सलाह दी है। वहीं, मलेशिया ने भी अपने नागरिकों को फ्रांस की यात्रा करने को लेकर चेतावनी दी है।
नेशन थाइलैंड मीडिया आउटलेट ने बताया कि इटली की यात्रा के दौरान बुधवार देर रात पत्रकारों से बात करते हुए थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सिहासाक फुवांगकेटकेओ ने कहा, “थाईलैंड से यूरोप जाने वालों को वहां के हालात पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि स्थिति तेजी से बदल रही है। साथ ही संबंधित देशों में थाई दूतावासों और विदेश मंत्रालय से जानकारी लेते रहें। फ्रांस को लेकर चिंता बनी हुई है, क्योंकि वहां अभी भी हालात सामान्य नहीं हैं।”
उन्होंने इटली में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों का भी जिक्र किया और बताया कि अशांति के चलते एक जरूरी सरकारी कैबिनेट बैठक होने की वजह से उनके इतालवी समकक्ष को द्विपक्षीय बैठक रद्द करनी पड़ी। उन्होंने आगे कहा, “हमें स्पेन को लेकर भी चिंता है।”
“इन देशों में जो कुछ भी हो रहा है, उसे देखते हुए अगर यात्रा करना बहुत जरूरी न हो, तो बेहतर होगा कि इसे कुछ समय के लिए टाल दिया जाए।”
वहीं, पेरिस में मलेशियाई दूतावास ने रविवार को फ्रांस में मौजूद मलेशियाई नागरिकों को सलाह दी कि वे विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए “सावधानी बरतें और सतर्क रहें।” मलेशिया के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह इन प्रदर्शनों पर नजर रख रहा है। मलेशियाई नागरिकों को सलाह दी गई है कि जब तक हालात बेहतर नहीं हो जाते, तब तक वे अपनी गैर-जरूरी यात्राओं को टालने पर विचार करें।
इससे पहले चीन ने भी फ्रांस जाने वाले अपने नागरिकों को सुरक्षा के जरूरी उपाय करने की चेतावनी दी है। सरकारी प्रसारक सीसीटीवी ने सोमवार को यह जानकारी दी। सप्ताहांत के दौरान फ्रांस में कई टाउन हॉल और दुकानों में लूटपाट की गई और उन्हें आग के हवाले कर दिया गया था। जिसे लेकर कई देशों ने एहतियातन अपने नागरिकों को वहां जाने के लिए रोका है।
