कोलकाता, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद प्रोफेसर सौगत रॉय ने पश्चिम बंगाल की राजनीति से लेकर राष्ट्रीय मुद्दों तक कई विषयों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी के बयान, कोलकाता के चोरबागान में हुई भगदड़, उत्तराखंड में दलेर मेहंदी विवाद और पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान पर खुलकर अपनी बात रखी।
सौगत रॉय ने सीएम सुवेंदु अधिकारी के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें कहा गया था कि हुगली नदी और अन्य घाटों पर दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान केवल सनातन धर्म के अनुयायियों को ही प्रतिमा छूने की अनुमति होगी। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा को किसी धर्म विशेष के चश्मे से देखना बंगाल की संस्कृति के खिलाफ है।
सौगत रॉय ने कहा, “इससे खराब बयान मैंने कभी नहीं सुना। दुर्गा पूजा सभी लोगों का उत्सव है। इसमें हिंदुत्व लाना और हिंदू ध्रुवीकरण का प्रयास करना निंदनीय है। मैं इसकी निंदा करता हूं। पूजा कमेटी प्रतिमा कैसे उठाएगी और कब विसर्जन करेगी, यह पूजा कमेटी का विषय है। इसमें राजनीति कहां से आ गई?”
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ पर सौगत रॉय ने दुख जताया। इस हादसे में आधिकारिक तौर पर 19 लोगों की मौत हुई थी और 25 से अधिक लोग घायल हुए थे।
उन्होंने कहा, “मैं 60 साल से ज्यादा समय से कोलकाता में हूं। दुर्गा पूजा के दौरान कभी ऐसी दुखद घटना नहीं घटी। पूरे पूजा उत्सव में एक-दो लोगों की मौत की खबर आती थी, लेकिन एक ही जगह पर 19 लोगों की मौत होना बिल्कुल भी स्वाभाविक नहीं है।”
सौगत रॉय ने आरोप लगाया कि पूरा पुलिस प्रशासन और सरकार फेल हो गई है। उन्होंने कहा कि यह हादसा इसलिए हुआ क्योंकि भाजपा हर जगह पूजा कमेटियों में हस्तक्षेप कर रही है और अपना रौब जमाना चाहती है। इसी कारण से यह गड़बड़ी हुई है। यह बेहद दुखद घटना है।
उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल और गायक दलेर मेहंदी के विवाद पर सौगत रॉय ने कहा कि उन्हें पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन मंच पर किसी कलाकार को मतवाला या नशे में बताना गलत है। उन्होंने कहा, “अगर मंत्री लोग ही मंच पर इस तरह की बातें करेंगे, तो गायकों के लिए मुश्किल होगी। मुझे समझ नहीं आता कि ऐसा क्यों किया गया।”
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के देश में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों पर दिए गए बयान का सौगत रॉय ने समर्थन किया। उन्होंने कहा, “हामिद अंसारी बहुत ही सम्मानित नेता रहे हैं। अगर उन्होंने ऐसा कहा है तो इस पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उनका कहने का मतलब है कि देश में जो विरोध हो रहा है, वह सही है और यह बाहर से नहीं, बल्कि देश के अंदर से ही उठ रहा है।”
