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नशा विरोधी कार्यकर्ताओं की मौत पर जवाब देने से बच रही पंजाब सरकार : अश्वनी शर्मा

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चंडीगढ़, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और पठानकोट के विधायक अश्वनी शर्मा ने गुरुवार को भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार से सवाल किया कि विधानसभा के विशेष सत्र के पहले ही दिन सत्र शुरू होने के कुछ ही मिनटों के भीतर उसे पूरे दिन के लिए क्यों स्थगित कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की जांच-पड़ताल और जनता के सवालों से बचने की कोशिश कर रही है।

अश्वनी शर्मा ने कहा कि पिछले एक महीने में मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा, संगरूर में गुलजार सिंह और बटाला में बिक्रमजीत सिंह की मौत ने सरकार को हिलाकर रख दिया है।

उनके अनुसार, सरकार आम लोगों का सामना करने से कतरा रही है और विधानसभा के अंदर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों से भी बच रही है।

उन्होंने कहा कि विशेष सत्र को पूरे दिन के लिए स्थगित करना, जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर जवाबदेही से बचने की एक और कोशिश है। विधायक अश्वनी शर्मा ने विधानसभा की कार्यवाही को स्थगित करने के तरीके पर भी सवाल उठाया और बताया कि उस दिन का एजेंडा पहले ही तय हो चुका था।

उन्होंने कहा कि जैसे ही स्पीकर सदन में आए, श्रद्धांजलि दी गई और कार्यवाही को बाकी पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि पूरे पंजाब में डर का माहौल है और लोग अब खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के बजाय पुलिस अपने ही थानों की सुरक्षा में लगी हुई है। विधायक ने राज्य कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार के रवैये की भी आलोचना की।

उन्होंने कहा कि कई बार बैठकें होने के बावजूद कर्मचारियों को उनका पूरा महंगाई भत्ता (डीए) नहीं मिला है, जबकि पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल करने जैसी मांगें अभी तक पूरी नहीं हुई हैं।

सरकार पर अपने कर्मचारियों को धोखा देने का आरोप लगाते हुए अश्वनी शर्मा ने कहा कि भाजपा उनकी जायज मांगों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके संघर्ष में हरसंभव मदद देगी।

उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह जनहित के मुद्दों पर चर्चा से भागना बंद करे और इसके बजाय तीन नशा-विरोधी कार्यकर्ताओं की मौत के मामलों में सच्चाई सामने लाए।

उन्होंने सरकार से यह भी कहा कि वह पंजाब की जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करे और राज्य कर्मचारियों की लंबित शिकायतों का समाधान करे।