नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के पीएम डोनाल्ड टस्क ने आपसी रिश्तों को और रफ्तार देने का संकल्प दोहराया है। चार प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया जो द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने, रक्षा उद्योग संवाद स्थापित करने, आतंकवाद निरोधक संवाद शुरू करने और आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से बृहस्पतिवार को जारी आधिकारिक परिणामों की सूची के अनुसार, व्यापार को 2030 तक दोगुना करने के साथ ही पोलैंड आपदा-रोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) में शामिल होगा। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग संवाद स्थापित करने और आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर संवाद शुरू करने पर सहमति बनी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के बीच हुई वार्ता के बाद सामने आए ये परिणाम भारत और पोलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी को ठोस आर्थिक और सुरक्षा सहयोग में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
व्यापार को 2030 तक दोगुना करने का लक्ष्य दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को विस्तार देने की साझा मंशा को दर्शाता है। बैठक के बाद एमईए के पश्चिमी मामलों के सचिव सिबी जॉर्ज ने प्रेस ब्रीफिंग में कुछ अहम बिंदुओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत और पोलैंड के बीच वर्ष 2025 में द्विपक्षीय व्यापार 6.36 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। दोनों देश इसे दोगुना करने की संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। रक्षा क्षेत्र में सहयोग, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति शृंखला, उभरती प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
जॉर्ज ने कहा, “व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग पर काफी ध्यान दिया गया। नए उभरते क्षेत्रों में ईवी बैटरी, नवीकरणीय ऊर्जा, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और स्वच्छ तकनीकें शामिल हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार 6.3 अरब अमेरिकी डॉलर का है, जबकि पोलैंड में भारतीय निवेश 3 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। दोनों पक्षों का लक्ष्य 2030 तक व्यापार को दोगुना करना है।”
वहीं, आतंकवाद निरोधक संवाद से सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर आपसी समन्वय को आगे बढ़ाने पर बल दिया गया। हैदराबाद हाउस में हुई बैठक के बाद पीएम मोदी और उनके समकक्ष डोनाल्ड टस्क का संयुक्त बयान भी जारी किया गया। बताया गया कि द्विपक्षीय वार्ता के दौरान पीएम मोदी और टस्क ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की 1267 प्रतिबंध समिति द्वारा सूचीबद्ध आतंकियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ मजबूत और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी और पीएम टस्क ने एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के महत्व को दोहराया। साथ ही, उन्होंने 1982 के ‘संयुक्त राष्ट्र समुद्र कानून कन्वेंशन’ (यूएनसीएलओएस) सहित अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करने पर जोर दिया। उन्होंने नौवहन की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के महत्व को रेखांकित किया।
दूसरी ओर, पोलैंड का सीडीआरआई में शामिल होना आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी मजबूती देगा।
टस्क 21 से 23 अक्टूबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों, नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
