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अमृतसर में बागवानी अनुसंधान संस्थान की स्थापना का मामला, तरुण चुघ ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखा पत्र

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नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमृतसर में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चर रिसर्च एंड एजुकेशन (पीजीआईएचआरई) की स्थापना का मामला एक बार फिर सामने आया है। इस संबंध में भाजपा नेता तरुण चुघ ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर अमृतसर विकास मंच (रजिस्टर्ड) की ओर से मिले ज्ञापन पर विचार करने और नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

तरुण चुघ ने अपने पत्र में बताया कि अमृतसर विकास मंच ने प्रस्तावित संस्थान की स्थापना के लिए चयनित 30 एकड़ जमीन की खरीद या अधिग्रहण केंद्र सरकार अथवा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के माध्यम से कराने की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस मामले को संबंधित अधिकारियों के पास भेजकर इसकी जांच कराने और नियमों व व्यवहार्यता के आधार पर उचित कदम उठाने का आग्रह किया है।

पत्र के अनुसार, इस संस्थान की घोषणा वर्ष 2015 में संसद में की गई थी। इसके बाद अमृतसर जिले के अटारी गांव में अनुसंधान कार्यों के लिए 100 एकड़ जमीन आईसीएआर को हस्तांतरित की जा चुकी है। प्रस्तावित संस्थान के प्रशासनिक, शैक्षणिक और आवासीय बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बाद में अतिरिक्त 30 एकड़ जमीन का चयन किया गया था।

अमृतसर विकास मंच ने केंद्र सरकार से इस चयनित जमीन की खरीद या अधिग्रहण की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है, ताकि प्रस्तावित संस्थान की स्थापना से जुड़ी आगे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। तरुण चुघ ने केंद्रीय कृषि मंत्री को लिखे पत्र में कहा कि अमृतसर विकास मंच की ओर से भेजे गए ज्ञापन की संबंधित अधिकारियों से जांच कराई जाए और लागू नियमों तथा परियोजना की व्यवहार्यता के अनुरूप उचित कार्रवाई की जाए। पत्र केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, कृषि भवन, नई दिल्ली को संबोधित किया गया है।