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आंध्र प्रदेश: स्थानीय निकाय चुनावों में धांधली का आरोप, वाईएस जगन ने एमिकस क्यूरी और केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की

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ताडेपल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने शुक्रवार को राज्य में एनडीए सरकार पर स्थानीय निकाय चुनावों के संचालन के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन न करने का आरोप लगाया और चुनावों की निगरानी के लिए एमिकस क्यूरी की नियुक्ति की मांग की।

तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाले गठबंधन पर लोकतंत्र का मजाक उड़ाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने केंद्रीय बलों की तैनाती और चुनाव प्रक्रिया की सीसीटीवी कवरेज की भी मांग की।

वाईएस जगन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि चंद्रबाबू सरकार सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का पालन नहीं कर रही है और वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों पर हमले और मतपत्र छीनने की घटनाओं को जारी रखते हुए स्थानीय निकाय चुनावों में अराजकता फैला रही है।

पुलिस पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए उन्होंने दावा किया कि लोकतंत्र की बुनियादी संरचना खतरे में है, जिससे राज्य संवैधानिक संकट की ओर बढ़ रहा है।

वाईएसआरसीपी प्रमुख ने कहा कि जेडपीटीसी और एमपीटीसी नामांकन में जो कुछ हुआ, वह शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों से अलग नहीं है, क्योंकि वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, पर हमले किए गए, उन्हें धमकाया गया और उनके नामांकन पत्र छीन लिए गए और फाड़ दिए गए।

उन्होंने ‘पचामूकला दादुलु’ (पीली भीड़ द्वारा हमले) नामक पुस्तक का विमोचन किया, जिसमें हमलों के सचित्र साक्ष्य संकलित हैं। पुस्तक का क्यूआर कोड लोकतंत्र की रक्षा करने वालों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा और इसे न्यायालयों में भी प्रस्तुत किया जाएगा।

उन्‍होंने कहा, “हम सभी घटनाओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे रहे हैं और अदालतों का रुख भी करेंगे क्योंकि मौजूदा अराजकता से लोकतंत्र खतरे में है। टीडीपी वाईएसआरसीपी की ओर से नामांकन पत्र दाखिल करके संख्या बढ़ाने और अदालतों को गुमराह करने के लिए धांधली कर रही है। उन्होंने हमारे उम्मीदवारों के हस्ताक्षर भी जाली किए हैं और नामांकन वापस लेने की घोषणा की है।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा अराजकता में अदालत को चुनाव की निगरानी के लिए एमिकस क्यूरी की नियुक्ति का आदेश देना चाहिए। साथ ही केंद्रीय बलों की तैनाती, चुनाव प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग और सभी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को सुरक्षा प्रदान करने का भी आदेश देना चाहिए।

उन्होंने पूछा, “जब चुनाव पार्टी आधार पर हो रहे हैं और जब हमने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है तो किसी को भी नामांकन पत्र दाखिल करने से रोकने की क्या आवश्यकता है?”

उन्होंने आगे कहा कि राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना कर रहा है और चुनिंदा केंद्रों को पुन: नामांकन की अनुमति दे रहा है।

उन्होंने कहा कि जहां वाईएसआरसीपी ने 19 नगरपालिकाओं में नामांकन में बाधा डालने की शिकायत की, वहीं एसईसी ने तिरुपति, कडप्पा, राजमपेटा और मैदुकुर इन चार शहरी निकायों के कुछ ही वार्डों पर विचार किया।

वाईएस जगन ने आरोप लगाया कि सरकार नामांकन की जांच के दौरान उन्हें खारिज करके और हर तरह की गड़बड़ी का सहारा लेकर विपक्ष को राजनीति से दूर रखने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रही है। उन्होंने लोकतंत्र को बचाने के लिए विपरीत परिस्थितियों का सामना करने वाले वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की और कहा कि आने वाले दिनों में सभी दोषी अधिकारियों को इसके परिणाम भुगतने होंगे।

पार्टी के उम्मीदवारों और नेताओं पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए वाईएस जगन ने कहा कि सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी को कडप्पा स्थित पार्टी कार्यालय से गिरफ्तार किया गया और पूर्व उपमुख्यमंत्री नारायण स्वामी पर चित्तूर में हमला किया गया।

उन्होंने कहा, “हमने अधिकारियों के पक्षपात की शिकायत एसईसी से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे पता चलता है कि चंद्रबाबू पर्दे के पीछे से सब कुछ नियंत्रित कर रहे हैं, क्योंकि वह नतीजों से डरे हुए हैं। वह अपने चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रहे हैं।”

उन्होंने दावा किया कि वाईएसआरसीपी ने कोविड महामारी की प्रतिकूल परिस्थितियों और प्रतिकूल एसईसी के बावजूद स्थानीय निकाय चुनाव कराए। उन्होंने कहा कि जनता ने वाईएसआरसीपी को भारी बहुमत से वोट दिया क्योंकि उसने कल्याणकारी कार्यक्रम लागू किए थे और प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंच बनाई थी।