चंडीगढ़, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने शुक्रवार को विधानसभा में कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया, जिसमें उन्हें चल रहे विधानसभा सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने की मांग की गई।
चीमा ने आरोप लगाया कि खैरा ने सदन में आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया, अध्यक्ष के अधिकार का अनादर किया और जानबूझकर सदन की कार्यवाही में बाधा डाली। इससे विधानसभा का महत्वपूर्ण समय बर्बाद हुआ और सदन की गरिमा को ठेस पहुंची।
विधानसभा को संबोधित करते हुए चीमा ने कहा कि खैरा द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों पर कई विधायकों ने गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा पंजाब के मेहनतकश वर्ग, खासकर अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों के आत्मसम्मान और गरिमा पर सीधा हमला है।
उन्होंने कहा कि राज्य की प्रगति और खुशहाली में श्रमिक वर्ग की अहम भूमिका रही है। ऐसे में हर नागरिक और विशेष रूप से जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि वे मेहनतकश लोगों के योगदान और सम्मान की रक्षा करें।
चीमा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति या समुदाय को उसकी जाति, सामाजिक स्थिति या आर्थिक पृष्ठभूमि के आधार पर अपमानित करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि विधायकों को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए और सदन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है, इसलिए उन्हें ऐसी टिप्पणियों से बचना चाहिए जो किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करें। जातिगत भेदभाव को खत्म करने और सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं, ऐसे में कमजोर और वंचित वर्गों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए चीमा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार की पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए और 1,000 रुपए की वित्तीय सहायता देने की योजना से गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता मिलेगी।
चीमा ने सदन से कहा कि मजदूरों, दलित समुदाय और अन्य वंचित वर्गों के प्रति अपमानजनक व्यवहार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के रुख की निंदा करने का प्रस्ताव भी रखा। बाद में खैरा को सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने संबंधी प्रस्ताव को मतदान के लिए रखा गया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने सर्वसम्मति से पारित घोषित कर दिया।
