मुंबई, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। आईटीबीपी के हथियारों के आधुनिकीकरण के मुद्दे पर शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्ष को डिफेंस स्ट्रैटेजी की बुनियादी समझ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि जब आईटीबीपी के महानिदेशक ट्रूप्स के लिए ड्रोन, आर्टिलरी, मशीन गन, एके-47/56 और रॉकेट लॉन्चर जैसे आधुनिक हथियारों की जरूरत बता रहे हैं, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में है और इसका स्वागत होना चाहिए।
शिवसेना प्रवक्ता कृष्ण हेगड़े ने कहा, “अगर इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के डायरेक्टर जनरल कह रहे हैं कि ट्रूप्स के हथियारों का मॉडर्नाइजेशन होना चाहिए, अच्छे शस्त्र लेने चाहिए, ड्रोन लेने चाहिए, आर्टिलरी लेनी चाहिए, गन्स लेनी चाहिए, मशीन गन लेनी चाहिए, एके-47 और एके-56 जैसी आधुनिक राइफलें लेनी चाहिए, रॉकेट लॉन्चर लेने चाहिए तो यह देश के लिए अच्छा है।”
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हमारा डिफेंस हमेशा अच्छी तरह से सुसज्जित होना चाहिए। हमारे बॉर्डर पर बांग्लादेश, चीन और पाकिस्तान हैं और एक तरफ श्रीलंका भी है। सिर्फ इंडो-तिब्बत बॉर्डर पर ही नहीं, बल्कि हर जगह हमारी आर्मी, एयरफोर्स और नेवी में मॉडर्नाइजेशन होना जरूरी है। सरकार इस दिशा में काम भी कर रही है।
कृष्णा हेगड़े ने कहा कि हमने देखा है कि ऑपरेशन सिंदूर में हमारे राफेल विमानों ने कैसे काम किया। हमारी कई आधुनिक गनों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जब कारगिल में टाइगर हिल का ऑपरेशन चल रहा था, तब भी हमने देखा कि हमारी सेना ने दुश्मनों को कैसे पीछे धकेला। गलवान में भी हमने देखा कि चीन को किस तरह मुंहतोड़ जवाब दिया गया। बांग्लादेश की सीमा पर भी हमने देखा है कि हमारे सीमा सुरक्षा बल घुसपैठियों को कैसे संभालते हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश अरबों-खरबों रुपए अपने रक्षा आधुनिकीकरण पर खर्च करते हैं और हमारा देश भी कर रहा है। इसके लिए हमें गर्व होना चाहिए।
शिवसेना प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस को शायद इस विषय की ज्यादा समझ नहीं है। ऐसा लगता है कि वह एक बार फिर पुराने मुद्दों को सामने लाकर फोर्स को टारगेट करने और सीधे आईटीबीपी को निशाना बनाने की कोशिश कर रही है। सभी को पता है कि कांग्रेस के शासनकाल में हमने अरुणाचल प्रदेश के कितने किलोमीटर चीन को सौंपे हैं। इनके साथ कौन-कौन सी नीतियां और समझौते हुए थे, उस समय “हिंदी-चीनी भाई-भाई” का नारा दिया गया था, लेकिन समय ने दिखाया कि वास्तविकता कुछ और थी।
उन्होंने कहा कि आज नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चीन के साथ संवाद और समझौते भी हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद अपनी सुरक्षा के लिए भारत को आधुनिकीकरण और आधुनिक हथियारों की बहुत जरूरत है। हमारी सरकार इस दिशा में बहुत सक्षम तरीके से काम कर रही है।
