नीलगिरि, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के नीलगिरी जिले में पार्लियार के पास एक सरकारी बस भूस्खलन की चपेट में आ गई। बस का टायर पंचर होने के बाद लगभग 50 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया था, जिसके कुछ ही मिनटों बाद यह हादसा हुआ। बस ड्राइवर जनगराज की इस घटना में मौत हो गई।
बचावकर्मियों ने लंबे अभियान के बाद मलबे से चालक का शव निकालकर उसकी मौत की पुष्टि की। पहले खबरें थीं कि उसे सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन बचाव दल ने बाद में स्पष्ट किया कि वह वाहन के अंदर ही फंसा रहा और उसकी मौत हो गई।
भूस्खलन में फंसे कंडक्टर केशवन को अग्निशमन एवं बचाव सेवा कर्मियों ने घायल अवस्था में पाया और अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि जब पहाड़ी ढही, तब बस में कोई यात्री नहीं था। कंडक्टर ने कहा, “बस में सिर्फ मैं और ड्राइवर थे। पेड़ एक के बाद एक सड़क पर गिरने लगे। जब हमने बस को सुरक्षित रूप से रोकने की कोशिश की, तो हम भूस्खलन की चपेट में आ गए।”
यह बस कोयंबटूर से ऊटी जा रही थी, जब पार्लियार के पास प्रभावित क्षेत्र में पहुंचने से कुछ ही देर पहले इसका टायर पंचर हो गया। बस के खराब होने से पहले उसमें लगभग 50 यात्री सवार थे।
घटना के विवरण के अनुसार, टायर पंक्चर होने के बाद यात्रियों को बस से निकाल लिया गया था। उनके निकलने के कुछ ही मिनटों के भीतर पहाड़ी सड़क पर एक भीषण भूस्खलन हुआ, जिससे पेड़, पत्थर और मिट्टी ने बस को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसे की सूचना मिलने के बाद आपातकालीन टीमों ने बचाव अभियान शुरू किया और घायल कंडक्टर को सुरक्षित निकालने में सफल रहीं। मलबे के बीच चालक तक पहुंचने के प्रयास जारी रहे, लेकिन अंततः बचाव दल ने उनका शव बरामद कर लिया। उनकी मृत्यु की पुष्टि ने सफल बचाव की पहले की रिपोर्टों को गलत साबित कर दिया और यह स्थापित किया कि दुर्घटना में केवल एक व्यक्ति की जान गई थी।
इस बीच प्रभावित क्षेत्र से गिरे हुए पेड़ों, पत्थरों और मिट्टी को हटाने का काम जारी रहा, ताकि पहाड़ी सड़क पर यातायात बहाल किया जा सके। सफाई का काम तत्काल आधार पर किया जा रहा था। इस घटना में कोयंबटूर को ऊटी से जोड़ने वाले मार्ग पर एक सरकारी बस मलबे में दब गई।
