नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर लिकटेंस्टीन के युवराज प्रिंस एलॉइस सोमवार को भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा के तहत नई दिल्ली पहुंचे। हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिंह ने उनका स्वागत किया। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और लिकटेंस्टीन के बीच रिश्तों को और मजबूत करना है।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि प्रिंस एलॉइस की यह यात्रा भारत-लिकटेंस्टीन संबंधों को नई गति देने का काम करेगी। मंत्रालय के अनुसार, वडोदरा दौरे के बाद उनका नई दिल्ली आगमन दोनों देशों के बढ़ते सहयोग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
राज्य मंत्री जयंत सिंह ने भी उनका स्वागत करते हुए कहा कि दावोस में हुई पिछली मुलाकात के बाद वह भारत और लिकटेंस्टीन के बीच दोस्ताना संबंधों को और मजबूत बनाने तथा आपसी सहयोग को बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।
प्रिंस एलॉइस रविवार को मुंबई पहुंचे थे। उनके साथ उनकी पत्नी प्रिंसेस सोफिया और वरिष्ठ अधिकारियों तथा उद्योग जगत के नेताओं का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।
विदेश मंत्रालय ने मुंबई पहुंचने पर उनका स्वागत करते हुए कहा कि भारत और लिकटेंस्टीन के बीच संबंध साझा मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित हैं। यह वर्ष 2026 में प्रिंस एलॉइस की भारत की दूसरी यात्रा है। इससे पहले वह फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने आए थे। उन्होंने इससे पहले 2010 और 2018 में भी भारत का दौरा किया था।
मंगलवार को प्रिंस एलॉइस का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा। इसके बाद वे राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। उसी दिन बाद में उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में बैठक होगी। इस दौरान दोनों नेता व्यापार और निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा करेंगे। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी भी मंगलवार को प्रिंस एलॉइस से मुलाकात करेंगे। इसके बाद प्रिंस एलॉइस राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मिलेंगे। राष्ट्रपति उनके सम्मान में एक राजकीय भोज का आयोजन भी करेंगी।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत और लिकटेंस्टीन के बीच बढ़ते सहयोग को और मजबूत बनाने में मदद करेगी, खासकर 2025 में ‘भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते’ के लागू होने के बाद। यह दौरा दोनों देशों को नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने और अपने मैत्रीपूर्ण संबंधों को और गहरा करने का अवसर देगा।
