नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है। आयोग ने हलफनामे में कहा कि जून 2025, अक्टूबर 2025 और मई 2026 में जारी किए गए तीनों एसआईआर आदेश सर्वसम्मति से लिए गए थे।
यह हलफनामा मुख्य निर्वाचन आयुक्त के कामकाज पर सवाल उठाने वाली याचिकाओं के जवाब में दाखिल किया गया था। निर्वाचन आयोग ने कहा कि उसके समक्ष दाखिल किए गए प्रति-हलफनामे को मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी।
चुनाव आयोग के कामकाज और विभिन्न राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर दायर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत 13 विपक्षी नेताओं की याचिकाओं पर चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने एक साथ हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया है।
ईसीआई ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में सीईसी पर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि याचिका सिर्फ एक खबर पर आधारित है। सीईसी ज्ञानेश कुमार के एकतरफा फैसले लेने की खबर को गलत बताया गया है।
हलफनामे में कहा गया है कि एसआईआर के तीनों आदेश (जून 2025, अक्टूबर 2025 और मई 2026) आयोग के सर्वसम्मत फैसले हैं। हलफनामे में कहा गया है कि फाइल सिस्टम के मुताबिक फाइल पहले एक चुनाव आयुक्त, फिर दूसरे चुनाव आयुक्त, फिर मुख्य चुनाव आयुक्त के पास जाती है। नोट या सवाल फैसले नहीं होते हैं।
हलफनामे के मुताबिक, 28 जुलाई का ऑर्डर एडिशनल सेक्रेटरी ने जारी किया था। दोनों चुनाव आयुक्तों ने अगले दिन कैबिनेट सचिव को लिखा। 30 जुलाई को दोनों आयुक्तों के संयुक्त निर्देश के बाद यह आदेश लागू नहीं हुआ।
हलफनामे में बताया गया है कि फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसे सिर्फ सरकार बदल सकती है। एसआईआर डिक्लेरेशन अलग है। 21 अक्टूबर से ऑनलाइन फॉर्म भी दो हिस्सों में बंटेगा, फॉर्म 6 और डिक्लेरेशन।
