कोलकाता, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की विवादास्पद टिप्पणी को लेकर कोलकाता में लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आई। खड़गे की टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए कई लोगों ने इसे व्यक्तिगत हमला और राजनीति का अनुचित तरीका बताया। लोगों का कहना है कि राजनीतिक दलों के बीच मतभेद और विरोध लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी नेता के परिवार को निशाना बनाना उचित नहीं है। कुछ लोगों ने इसे प्रधानमंत्री पद के साथ-साथ देश का अपमान भी बताया और इस तरह की राजनीति के खिलाफ विरोध जताया।
कोलकाता निवासी रीना दास रॉय ने कहा कि एक आम नागरिक के तौर पर वह इस तरह की टिप्पणी को गलत मानती हैं। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री भारत के प्रधानमंत्री हैं और लोग उन्हें बहुत सम्मान देते हैं। उन्होंने कहा कि किसी के पिता को लेकर इस तरह की बात कहना उचित नहीं है और खड़गे को भी अपने बयान पर विचार करना चाहिए।
रीना दास रॉय ने कहा कि अगर किसी को कोई बात रखनी है, तो उसे उचित तरीके से कहना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है और कोई भी व्यक्ति अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन कर सकता है। हालांकि, विरोध के नाम पर किसी के परिवार को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणी करना सरासर गलत है।
रमेश ने कहा कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप चलते रहते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री के पिता को लेकर टिप्पणी करना ओछी राजनीति का उदाहरण है। मैं किसी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करता, लेकिन इस तरह की राजनीति से सहमत नहीं हूं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए रमेश ने कहा कि इसी तरह की राजनीति और राजनीतिक संस्कृति के कारण पार्टी का देशभर में प्रभाव कम हुआ है। अगर ऐसा ही चलता रहा, तो कांग्रेस को आगे भी नुकसान हो सकता है।
प्रधानमंत्री पद को संवैधानिक पद बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसी एक राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि पूरे देश के होते हैं। प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत हमला केवल किसी व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि पूरे देश का अपमान है। इस मुद्दे पर विरोध किसी पार्टी के समर्थन या विरोध तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर भारतीय को अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
एक अन्य युवक ने कहा कि केवल राजनीति के लिए प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत हमला करना सही नहीं है। उसने प्रधानमंत्री को देश के लोगों का अभिभावक बताते हुए कहा कि उनके पिता को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना गलत और शर्मनाक है। युवक ने कहा कि उसकी प्रतिक्रिया किसी राजनीतिक दल का समर्थन करने या न करने के आधार पर नहीं है। यदि किसी के परिवार के बारे में ऐसी बात कही जाए, तो वह भी गलत है। प्रधानमंत्री देश का नेतृत्व करते हैं, इसलिए उनके परिवार के बारे में इस तरह की टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए।
रोहित सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के बारे में इस तरह की टिप्पणी होना शर्मिंदगी की बात है और वह इसका समर्थन नहीं करेंगे। राजनीतिक दल कोई भी हो, लेकिन देश के प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान होना चाहिए। प्रधानमंत्री को स्वीकार न करना या उनका समर्थन न करना अलग बात है, लेकिन इस तरह की टिप्पणी करना गलत है।
चंद्रिमा सिंह ने प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत हमले को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों का आम लोगों पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। बहुत से लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पसंद करते हैं और उनका सम्मान करते हैं। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन प्रधानमंत्री के बारे में इस तरह की बात कहे जाने से लोग नाराज हैं।
