चंडीगढ़, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया कि प्रदेश में जब भी कांग्रेस की सरकार रही, कानून व्यवस्था का उल्लंघन किया गया।
चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान, पंजाब विधानसभा में हुए हंगामे पर पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कांग्रेस विधायक भले ही दो-तीन बार चुनाव जीत चुके हों, लेकिन आज उन्होंने विधानसभा में गुंडागर्दी की है। मुझे लगता है कि वे कानून में विश्वास नहीं रखते और उसका उल्लंघन करते हैं। उन्होंने विधानसभा के अंदर पोडियम पर हंगामा करके यह साबित भी कर दिया। पंजाब की जनता जानती है कि जब भी कांग्रेस सत्ता में रही है, उसने कानून-व्यवस्था का उल्लंघन किया है।
चीमा के मुताबिक, विधानसभा में प्रवेश करने का अधिकार सभी को है और किसी के भी अधिकारों को छीना नहीं गया है। विपक्ष के चार-पांच विधायक अभी भी विधानसभा में बैठे हैं, और प्रताप सिंह बाजवा खुद विधानसभा आए, अपनी बात रखी और चले गए। हालांकि, कांग्रेस के कई नेता दलित समुदाय और अनुसूचित जातियों के खिलाफ लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां करते रहे हैं। इसी वजह से सुखपाल सिंह खैरा को निलंबित किया गया है।
भाजपा द्वारा नशे का मुद्दा उठाए जाने पर चीमा ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा किसी मुद्दे पर बातचीत नहीं कर सकती है। वह बेवजह के मुद्दों को खड़ा करने की कोशिश कर रही है। देश को पता है कि जब इनकी अकाली के साथ गठबंधन की सरकार थी तो इन्होंने प्रदेश में चिट्टा बेचा। इनके पास कोई मुद्दा नहीं है।
पंजाब की कानून व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि जो भी कानून के साथ खिलवाड़ करेगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, पंजाब विधानसभा में हुए हंगामे को लेकर कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने कहा कि विधानसभा के आखिरी दिन स्पष्ट हो गया कि आम आदमी पार्टी सदन में नहीं बोलने देती है। आज जब हम यहां आए तो हमें अंदर नहीं जाने दिया गया। विधायकों के साथ धक्का-मुक्की की गई। जब हमें मीडिया से बात करनी थी तो उस जगह (पोडियम) पर भी नाजायज कब्जा कर लिया। विवाद खड़ा करने के लिए, यहां हमारे सामने महिला विधायकों को भेजा गया। मुझे सस्पेंड किया गया था, जो कि गलत है।
