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जम्मू-कश्मीर की कहानी अब सिर्फ अतीत की चुनौतियां नहीं, वर्तमान के प्रयास और भविष्य की संभावनाएं भी : एलजी मनोज सिन्हा

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श्रीनगर, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। उपराज्यपाल (एलजी) मनोज सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर की कहानी अब केवल अतीत की चुनौतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वर्तमान के प्रयासों और भविष्य की संभावनाओं की कहानी भी है।

मनोज सिन्हा ने ‘पैडल थ्रू पैराडाइज’ साइकिलिंग इवेंट के विजेताओं को सम्मानित किया और प्रतिभागियों के उत्साह, दृढ़ संकल्प और आकांक्षाओं की सराहना की।

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, एलजी ने कहा कि यह आयोजन एक नए जम्मू-कश्मीर के आशावाद, आत्मविश्वास और जीवंत भावना को दर्शाता है, जो यहां के युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा से प्रेरित है।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस की इस बात के लिए तारीफ की कि उन्होंने सार्थक सामुदायिक पहलों के जरिए सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के अपने दायरे से आगे बढ़कर काम किया है।

उन्होंने कहा कि ‘पैडल थ्रू पैराडाइज’ जैसे कार्यक्रम अनुशासन को प्रेरणा के साथ और कर्तव्य को सामाजिक जिम्मेदारी के साथ जोड़कर नागरिकों के बीच भरोसे के रिश्ते को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दिखाते हैं।

उपराज्यपाल ने आगे कहा, “‘पैडल थ्रू पैराडाइज’ जैसी पहल इस बात का सबूत हैं कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सुरक्षा को करुणा के साथ, अनुशासन को प्रेरणा के साथ और कर्तव्य को सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ जोड़ा है, ताकि जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ दिलों का रिश्ता कायम हो सके।”

उपराज्यपाल ने कहा कि विजेताओं की यह उपलब्धि जम्मू-कश्मीर की बदलती तस्वीर को दर्शाती है। उन्होंने समावेशी विकास और राष्ट्रीय प्रगति में युवाओं के योगदान की क्षमता पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के ‘सिविक एक्शन प्रोग्राम’ (नागरिक कार्य कार्यक्रम) ने युवाओं की भागीदारी, कौशल विकास और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। इससे समाज में आत्मविश्वास बढ़ा है और लोगों की सकारात्मक भागीदारी को बढ़ावा मिला है। जम्मू-कश्मीर की कहानी अब केवल अतीत की चुनौतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वर्तमान के प्रयासों और भविष्य की संभावनाओं की कहानी भी है।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर अब संभावनाओं की एक ऐसी जगह के रूप में उभर रहा है, जहां युवा खेल, शिक्षा, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी क्षेत्र की असली तरक्की तब होती है, जब वहां के युवाओं के पास आगे बढ़ने के अवसर हों, अपनी क्षमताओं पर भरोसा हो और उनमें एकता की मजबूत भावना हो।

उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि किसी भी क्षेत्र का वास्तविक उत्थान तब होता है जब वहां के युवाओं की आंखों में विश्वास हो, हाथों में अवसर हों और दिलों में एकता की भावना हो। मुझे पूरा भरोसा है कि ‘पैडल थ्रू पैराडाइज’ जैसे आयोजन जम्मू-कश्मीर के युवाओं को अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के जरिए राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगे।”

उपराज्यपाल ने कहा कि ‘पैडल थ्रू पैराडाइज’ और ‘जश्न-ए-डल’ जैसी पहल केवल खेल प्रतियोगिताएं नहीं हैं, बल्कि ये प्रतिभागियों के बीच अनुशासन, लगन और विपरीत परिस्थितियों में डटे रहने की क्षमता को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने नागरिकों से सामूहिक प्रगति के लिए सकारात्मक विचारों, ज्ञान और नवाचार को अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है और नई पीढ़ी को खेलों और सामुदायिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर बनाने के महत्व को भी दोहराया और इस बात पर जोर दिया कि समाज को नशीले पदार्थों के सेवन से प्रभावित लोगों की सहानुभूति और देखभाल के साथ मदद करनी चाहिए, ताकि उन्हें मुख्यधारा में वापस लाया जा सके।

एलजी ने सभी संबंधित पक्षों से शांति, प्रगति और एक स्वस्थ, समृद्ध तथा सुरक्षित जम्मू-कश्मीर के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने खेलों के माध्यम से सकारात्मक बदलाव की भावना को आगे बढ़ाने के लिए सभी प्रतिभागियों को बधाई दी।

उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा, “समाज के सभी वर्गों को नशे के खिलाफ लड़ाई में शामिल होना चाहिए। आज हमें तीन संकल्प लेने चाहिए: पहला, हमेशा शांति की दिशा में आगे बढ़ेंगे; दूसरा, हम प्रगति की ओर बढ़ेंगे; और तीसरा, हम एक स्वस्थ, समृद्ध, सुरक्षित और उज्ज्वल जम्मू-कश्मीर के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ेंगे।”