भोपाल, 29 अक्टूबर। मध्य प्रदेश में आयातित शराब की कीमतों में कमी के बाद भारतीय प्रीमियम शराब ब्रांडों की प्रतिस्पर्धा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। भारतीय अल्कोहलिक बेवरेज कंपनियों के संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज (CIABC) ने राज्य सरकार से आबकारी शुल्क, नियामकीय लागत और मूल्य निर्धारण व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के तहत टैरिफ में कटौती के बाद भोपाल में कुछ आयातित शराब ब्रांडों की कीमतों में 15 से 40 प्रतिशत तक गिरावट आई है। उद्योग का कहना है कि इससे प्रीमियम और लग्जरी श्रेणी में भारतीय निर्माताओं के सामने प्रतिस्पर्धा की नई चुनौती पैदा हो सकती है।
भारतीय कंपनियों ने समान प्रतिस्पर्धा का मुद्दा उठाया
CIABC के मुताबिक, भारतीय शराब निर्माता आयात पर प्रतिबंध लगाने की मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी मांग है कि घरेलू और आयातित उत्पादों के बीच प्रतिस्पर्धा के लिए निष्पक्ष एवं पारदर्शी व्यवस्था हो। संगठन ने कहा कि आयातित उत्पादों पर टैरिफ में कटौती से उनकी कीमतों को लाभ मिल सकता है, जबकि भारतीय कंपनियां उत्पादन, वित्तपोषण, वितरण और नियामकीय अनुपालन की लागत वहन करती हैं।
उद्योग का कहना है कि केवल खुदरा कीमतों की तुलना से पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं होती। समान मूल्य श्रेणी के भारतीय और आयातित उत्पादों पर लागू कुल राज्य कर, शुल्क, लाइसेंसिंग शर्तों और अन्य नियामकीय लागतों का भी आकलन किया जाना चाहिए।
BIO उत्पादों पर शुल्क व्यवस्था की समीक्षा की मांग
मध्य प्रदेश में Bottled-in-Origin (BIO) श्रेणी के उत्पादों के साथ लागू व्यवस्था भी उद्योग के सवालों के केंद्र में है। CIABC ने इन उत्पादों पर लागू शुल्क, लाइसेंसिंग शर्तों और मूल्य निर्धारण नियमों की समीक्षा करने का आग्रह किया है।
संगठन का तर्क है कि नियामकीय अंतर यदि आवश्यक हों तो उनका आधार स्पष्ट होना चाहिए। साथ ही, नीतिगत व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे घरेलू विनिर्माण को अनजाने में प्रतिस्पर्धात्मक नुकसान न पहुंचे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे भारतीय प्रीमियम ब्रांड
CIABC ने भारतीय सिंगल माल्ट और प्रीमियम स्पिरिट्स की वैश्विक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय कंपनियां गुणवत्ता, डिस्टिलेशन, परिपक्वता प्रक्रिया और उत्पाद विकास में लगातार निवेश कर रही हैं।
संगठन के अनुसार, Indri Diwali Collector’s Edition 2025 ने International Whisky Competition 2026 में भारतीय व्हिस्की श्रेणी में पुरस्कार हासिल किए। प्रतियोगिता के प्रकाशित परिणामों में इस उत्पाद को Best Indian Whisky और Best Single Malt Indian Whisky श्रेणियों में प्रथम स्थान दिया गया।
CIABC का कहना है कि भारतीय प्रीमियम ब्रांड अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना रहे हैं। ऐसे में घरेलू बाजार में भी उन्हें प्रतिस्पर्धा के उचित अवसर मिलने चाहिए।
सरकार से आबकारी नीति की समीक्षा का आग्रह
CIABC ने मध्य प्रदेश सरकार से समान मूल्य श्रेणी के भारतीय निर्मित स्पिरिट्स और BIO उत्पादों पर लागू राज्य स्तरीय कर एवं नियामकीय बोझ की समीक्षा करने और अनुचित असमानताओं को दूर करने की मांग की है।
संगठन के मुताबिक, घरेलू निर्माता रोजगार सृजन, स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं और भारतीय ब्रांडों के विकास में योगदान देते हैं। इसलिए ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्यों के अनुरूप ऐसी नीति की जरूरत है, जो घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के साथ निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा भी सुनिश्चित करे।
अब इस मुद्दे पर राज्य सरकार की नीति समीक्षा और शुल्क व्यवस्था में संभावित बदलाव को लेकर उद्योग की निगाहें टिकी हैं।

