नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 81.66 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी के मामले में आज का आनंद पेपर्स प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशकों और अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर पुणे में कई ठिकानों पर छापेमारी की है।
सीबीआई की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह कार्रवाई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), मुंबई की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी और उसके निदेशकों ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात और खातों में हेरफेर कर बैंक को 81.66 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया।
जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों पर कंपनी के व्यावसायिक राजस्व को छिपाने या गबन करने, बही-खातों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में हेरफेर व जालसाजी करने तथा ऋण की शर्तों का उल्लंघन करते हुए कंसोर्टियम बैंकों की अनुमति के बिना निर्धारित बैंकिंग चैनलों से बाहर करंट अकाउंट के जरिए धनराशि को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के आरोप हैं।
सीबीआई ने बताया कि इन गतिविधियों को धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, धन के दुरुपयोग और आपराधिक साजिश के रूप में देखा जा रहा है, जिसके चलते एसबीआई को गलत वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।
मामले की जांच के तहत गुरुवार को पुणे में कंपनी के निदेशकों से जुड़े कार्यालयों और आवासीय परिसरों सहित कई स्थानों पर छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान जांच से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
सीबीआई ने कहा कि बरामद दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, ताकि कथित साजिश, फंड डायवर्जन, धन के दुरुपयोग और मामले में शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाया जा सके।
इससे पहले, सीबीआई ने 58.48 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी के मामले में अवाया इंडस्ट्रीज लिमिटेड, उसके निदेशकों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर बुधवार को मुंबई में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), मुंबई की शिकायत के आधार पर की गई।
सीबीआई के अनुसार, अवाया इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसके निदेशकों पर आरोप है कि उन्होंने गलत जानकारी और भ्रामक दस्तावेजों के आधार पर बैंक से ऋण सुविधाएं हासिल कीं, जिससे एसबीआई को 58.48 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

