तिरुवनंतपुरम, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल विधानसभा ने गुरुवार को मंत्रियों और विधायकों के वेतन व भत्तों में बढ़ोतरी से संबंधित विधेयक सर्वसम्मति से पारित कर दिया। हालांकि, भाजपा के नेमोम से विधायक राजीव चंद्रशेखर ने वेतन वृद्धि को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह अपना पूरा वेतन और भत्ते अपने निर्वाचन क्षेत्र के गरीब लोगों के लिए खर्च करेंगे।
नए प्रावधानों के तहत विधायकों का कुल मासिक वेतन और भत्ता 70,000 रुपए से बढ़ाकर 98,000 रुपए कर दिया गया है। वहीं, मंत्रियों का वेतन 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.33 लाख रुपए हो जाएगा।
इसके अलावा, पूर्व विधायकों की न्यूनतम मासिक पेंशन 8,000 रुपए से बढ़ाकर 10,000 रुपए कर दी गई है।
यह वेतन और भत्तों में पहली बढ़ोतरी है, जो 2018 के बाद की गई है। राज्य सरकार ने 2022 में केरल की खराब वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए वेतन संशोधन का प्रस्ताव टाल दिया था।
हालांकि, सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों ने वेतन वृद्धि की मांग की थी और विधानसभा में बिना किसी विरोध के विधेयक पारित कर दिया गया।
विधानसभा अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन ने कहा कि कई विधायकों ने बढ़ते खर्चों के कारण होने वाली कठिनाइयों की जानकारी दी थी। उन्होंने बिना किसी मतभेद के विधेयक पारित होने पर सदस्यों को बधाई दी। साथ ही उन्होंने प्रत्येक विधायक को एक अतिरिक्त निजी सहायक (पर्सनल असिस्टेंट) उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने इस प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
विधानसभा में विधेयक पारित होने के बाद राजीव चंद्रशेखर ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि राज्य की खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए वह बढ़ा हुआ वेतन और भत्ता स्वीकार नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि विधायक के रूप में मिलने वाला उनका पूरा वेतन और भत्ता नेमोम क्षेत्र के गरीब लोगों के कल्याण पर खर्च किया जाएगा।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब आशा कार्यकर्ता और लोक सेवा आयोग के नौकरी अभ्यर्थी अभी भी अपनी मांगों के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं, तब सरकार मंत्रियों और विधायकों के वेतन में बढ़ोतरी कैसे कर सकती है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि जनता के हितों के खिलाफ नीतियां अपनाने के मामले में पिछली पिनाराई विजयन सरकार और वर्तमान वीडी सतीशन सरकार के बीच कोई अंतर नहीं है।
संशोधित प्रावधानों के अनुसार निर्वाचन क्षेत्र भत्ता: 25,000 रुपए से बढ़ाकर 35,000 रुपए, यात्रा भत्ता: 20,000 रुपए से बढ़ाकर 30,000 रुपए प्रतिमाह और वार्षिक हवाई यात्रा भत्ता: 50,000 रुपए से बढ़ाकर 75,000 रुपए कर दिया गया है।
इसके अलावा, पूर्व विधायकों को 70 और 80 वर्ष की आयु पूरी करने पर अतिरिक्त मासिक पेंशन लाभ भी मिलेगा।
विधेयक पारित होने के तुरंत बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

