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गुजरात में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को मिलेगी नई गति, बनासकांठा में रिसर्च सेंटर का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी

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नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि गुजरात के बनासकांठा जिले में स्थापित किया जा रहा नया गोवंश प्रजनन एवं अनुसंधान केंद्र दूध उत्पादन बढ़ाने, स्वदेशी पशु नस्लों को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा। प्रधानमंत्री शुक्रवार को इस केंद्र का उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि बनासकांठा के भिलड़ी में 127 एकड़ में स्थापित भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (बीबीबीआरसी) यह दिखाएगा कि विज्ञान और नवाचार के जरिए पशुपालन को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है और डेयरी किसानों को किस तरह लाभ पहुंचाया जा सकता है।

उन्होंने कहा, “भारत के पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में अगली बड़ी छलांग कैसी होगी? यह जानने के लिए गुजरात के बनासकांठा आइए।” प्रधानमंत्री ने इस केंद्र की शुरुआत 30 अक्टूबर को किए जाने की जानकारी दी।

पीएम मोदी ने कहा कि इस केंद्र से प्रति पशु अधिक दूध उत्पादन, बेहतर नस्लों और किसानों की अधिक आय जैसे लाभ मिलेंगे। इसके साथ ही कांकरेज जैसी स्वदेशी गोवंश नस्लों के संरक्षण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे देशभर के डेयरी किसानों को लाभ होगा।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह केंद्र गोवंश प्रजनन, आनुवंशिक सुधार और आधुनिक प्रजनन तकनीकों पर केंद्रित एक उन्नत उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे नस्ल सुधार की प्रक्रिया में 10 से 20 गुना तक तेजी आने की उम्मीद है। यह कांकरेज नस्ल के लिए समर्पित देश का अपनी तरह का पहला केंद्र होगा।

प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार सुबह करीब 9.30 बजे बनासकांठा में केंद्र के पशु फार्म और भ्रूण स्थानांतरण प्रौद्योगिकी-इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (ईटी-आईवीएफ) प्रयोगशाला का दौरा करेंगे। इसके बाद वह 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के तहत इस अनुसंधान केंद्र को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

गुजरात में पहले से विकसित डेयरी सहकारी नेटवर्क के बीच बनासकांठा स्थित बनास डेयरी क्षेत्र की दुग्ध अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पशुओं की आनुवंशिक गुणवत्ता में सुधार और आधुनिक प्रजनन तकनीकों के इस्तेमाल से उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचना इन तकनीकों को अपनाने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान बनास डेयरी के दो बायो-सीएनजी संयंत्रों की आधारशिला भी रखेंगे। ये संयंत्र थराद और राधनपुर में स्थापित किए जाएंगे। इनमें से एक प्रतिदिन 75 मीट्रिक टन और दूसरा 100 मीट्रिक टन गोबर के प्रसंस्करण की क्षमता वाला होगा। इन परियोजनाओं के जरिए डेयरी गतिविधियों को स्वच्छ ईंधन उत्पादन से जोड़ने की योजना है।

बनासकांठा में प्रधानमंत्री जिन अन्य परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे, उनमें अहमदाबाद मेट्रो का एयरपोर्ट और गिफ्ट सिटी की ओर विस्तार, अहमदाबाद-मेहसाणा सड़क को चार लेन से बढ़ाकर आठ लेन करना और बच्चों के अनुकूल नए आंगनवाड़ी केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री कृषि अवसंरचना कोष के तहत 521 परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे और दो ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी का गुजरात दौरा 30 और 31 अक्टूबर को होगा। इस दौरान वह पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी करेंगे, जिसके तहत करीब 19,000 करोड़ रुपये वितरित किए जाने हैं। दौरे के दौरान प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भी हिस्सा लेंगे।