इंदौर, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी द्वारा लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ अभियान के तहत मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में पैदल मार्च निकाला गया। इस आयोजन में एक पोस्टर को लेकर बवाल हो गया। यह पोस्टर लेकर एक व्यक्ति पहुंचा था, जिस पर नगरीय निकाय में हुए भ्रष्टाचार के आरोप दर्ज थे।
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा संवैधानिक संस्थाओं पर लगाए जा रहे आरोपों के जवाब में भाजपा द्वारा लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। इंदौर के सुभाष नगर से पाटनीपुरा चौराहे तक पैदल मार्च निकाला गया और जनसभा हुई। एक तरफ जनसभा चल रही थी और राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय संबोधित कर रहे थे, इसी दौरान एक व्यक्ति हाथ में पोस्टर लेकर खड़ा हो गया।
इस पोस्टर में लिखा हुआ था ‘एक बल्ब 30 हजार रुपए में और एक लिटर फिनायल 33 हजार रुपए में जवाब दो’। इस पोस्टर को देखते ही नगरीय प्रशासन मंत्री विजयवर्गीय ने अपनी बात को बीच में रोकते हुए कहा कि एक न्यूसेंस आ गया है। कोई पुलिस अधिकारी आ जाए, जहां हमें जवाब देना है, उसे हम देंगे, अभी तो यहां से जा, नहीं तो लोग फ्री फंड में जवाब दे देंगे। जो यह व्यक्ति न्यूसेंस कर रहा है, उसे पुलिस ले जाए और गाड़ी में बिठा ले।
पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित व्यक्ति जिसका नाम प्रहलाद पांडे बताया जा रहा है, उसे जोर जबरदस्ती से पकड़कर अपने साथ ले गई और बलपूर्वक पुलिस की गाड़ी के अंदर बिठाया। वह लगातार विरोध करता रहा। उसके साथ एक महिला भी थी, जो पुलिस से यही सवाल कर रही थी कि किस अपराध में इन्हें पकड़ कर ले जाया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। दरअसल पिछले दिनों नगरीय निकाय के अधिकारियों की बैठक में एक अधिकारी ने भ्रष्टाचार का मामला उजागर किया था, जिसमें कहा गया था कि एक गाड़ी दो लाख रुपए में खरीदी जाती है। इसी तरह की गाड़ी में कुछ बदलाव कर दूसरा नगरीय निकाय छह लाख में खरीदता है। इसके अलावा, बाल्टी, बल्ब और फिनायल की खरीदी का मामला भी उछला था।

