सना, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। यमन के हूती विद्रोही समूह ने शुक्रवार को सऊदी अरब पर किसी भी तरह का हमला करने से इनकार किया। यह बयान सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर से मक्का क्षेत्र में हूतियों के एक ड्रोन को रोककर नष्ट करने का दावा किए जाने के बाद आया है।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरीया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में मक्का के ऊपर ड्रोन को रोके जाने के सऊदी दावे को ‘झूठा’ बताया। उन्होंने कहा कि समूह ने शुक्रवार को सऊदी अरब के क्षेत्र की ओर कोई सैन्य अभियान नहीं चलाया।
इससे पहले सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने एक्स पर जानकारी दी थी कि हूती समूह की ओर से भेजे गए एक ड्रोन को मक्का क्षेत्र में रोककर नष्ट कर दिया गया। मक्का में इस्लाम का सबसे पवित्र शहर स्थित है। पिछले कुछ हफ्तों में सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच सीमा पार हमलों में तेजी आई है। सऊदी अरब ने यमन के हूती नियंत्रित क्षेत्रों में हवाई हमले किए हैं, जबकि हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं।
यमन में दिसंबर 2014 से संघर्ष जारी है। उस समय हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद यमन की सरकार के समर्थन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 2015 में सैन्य हस्तक्षेप किया था।
इससे पहले सितंबर में भी हूती नेता अब्दुल-मलिक अल-हूती ने अपने संगठन पर मक्का को निशाना बनाने की कोशिश के आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने सऊदी अरब के साथ बढ़ते तनाव के बीच इन आरोपों को ‘मनगढ़ंत और भ्रामक जानकारी’ करार दिया था।
हूती संचालित अल-मसीरा टीवी पर प्रसारित एक संबोधन में अल-हूती ने कहा था कि हूती बलों द्वारा मक्का को निशाना बनाए जाने का दावा झूठ है। उन्होंने आरोप लगाया था कि यमन पर सैन्य कार्रवाई के लिए व्यापक समर्थन जुटाने के उद्देश्य से इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।
अल-हूती ने सऊदी अरब पर अपेक्षाकृत शांति के दौर में राजनीतिक समाधान की दिशा में आगे नहीं बढ़ने का भी आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि इसके बजाय हूती नियंत्रित क्षेत्रों पर प्रतिबंध और सख्त किए गए हैं। हवाई अड्डों के संचालन और आयात पर लगी पाबंदियां अब भी प्रमुख अनसुलझे मुद्दे हैं।
उनकी यह टिप्पणी सऊदी अरब की ओर से हूतियों पर मक्का की दिशा में ड्रोन भेजने का आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद आई थी। उस समय सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया था कि रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्सेज ने ड्रोन को मक्का के दक्षिण में ही रोककर नष्ट कर दिया था, इससे पहले कि वह शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करता।
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों और वहां आने वाले जायरीनों की सुरक्षा को ‘रेड लाइन’ बताते हुए कहा था कि इसके जवाब में जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने दावा किया था कि मक्का को निशाना बनाने की यह हूतियों की दूसरी कथित कोशिश थी। इससे पहले 27 जुलाई 2017 को भी गठबंधन ने हूतियों पर बैलिस्टिक मिसाइल से मक्का को निशाना बनाने का आरोप लगाया था।

