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शेखपुरा में फसल कटनी व कृषि सांख्यिकी पर प्रशिक्षण, अधिकारियों को दिए गए पारदर्शिता के निर्देश

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शेखपुरा, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। शेखपुरा जिला पदाधिकारी शेखर आनंद के निर्देश पर शनिवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में फसल कटनी एवं कृषि सांख्यिकी से जुड़े कार्यों को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ उप विकास आयुक्त द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान के प्रतीक स्वरूप जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने उन्हें पौधा भेंट कर स्वागत किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रशिक्षक, प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान लैपटॉप आधारित प्रस्तुति के माध्यम से कृषि सांख्यिकी और फसल कटनी से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय को ‘राज्य कृषि सांख्यिकी प्राधिकरण’ घोषित किया गया है, जिसके तहत कृषि सांख्यिकी से संबंधित कई महत्वपूर्ण कार्य संपादित किए जाते हैं।

प्रशिक्षण में शुद्ध सिंचित विवरणी, मौसमवार सिंचित क्षेत्रफल विवरणी, प्रयोग मूल्य, फसल एवं फल-सब्जी कटनी प्रयोग के माध्यम से उपज दर का आकलन, नेत्रांकन विधि से उपज दर निर्धारण, वर्षापात आंकड़ों का संकलन, फसल सांख्यिकी सुधार योजना के तहत फसल क्षेत्रफल एवं कटनी प्रयोगों की जांच तथा द्रुत सर्वेक्षण योजना के अंतर्गत फसल क्षेत्रफल के आकलन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में फसल कटनी और सांख्यिकी कार्यों को पूरी पारदर्शिता, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ संपादित करें, ताकि सटीक आंकड़े समय पर उपलब्ध हो सकें और विभाग को निर्धारित अवधि में भेजे जा सकें।

अधिकारियों ने कहा कि कृषि क्षेत्र से जुड़े आंकड़ों की शुद्धता नीति निर्माण और किसानों के हित में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण के माध्यम से संबंधित पदाधिकारियों की क्षमता वृद्धि पर जोर दिया गया।