भुवनेश्वर, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। बीजू जनता दल (बीजेडी) की राज्यसभा सांसद सुलता देव ने चक्रवात ‘अर्नब’ के चलते कंधमाल में हुए विनाशकारी भूस्खलन और गंजाम जिले में आई बाढ़ के बाद आपदा प्रबंधन और तैयारियों में गंभीर खामियों का आरोप लगाते हुए भाजपा के नेतृत्व वाली ओडिशा सरकार पर निशाना साधा।
सुलता देव ने जानमाल के नुकसान और प्रभावित लोगों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार की तैयारियों और राहत कार्यों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भारी बारिश की अग्रिम चेतावनी के बावजूद सरकार लोगों की रक्षा करने में विफल रही।
कंधमाल में हुए भूस्खलन में एक नवजात शिशु सहित एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत और प्रभावित क्षेत्र में लापता ग्रामीणों की खबरों का हवाला देते हुए उन्होंने सरकार की आपदा राहत और राहत व्यवस्था पर सवाल उठाए।
सुलता देव ने डॉप्लर मौसम रडार प्रणाली के लगभग एक वर्ष से निष्क्रिय रहने पर भी चिंता व्यक्त की और दावा किया कि सटीक, स्थानीय मौसम पूर्वानुमानों के अभाव ने प्रशासन की भारी वर्षा का पूर्वानुमान लगाने और समय पर निवारक उपाय करने की क्षमता को प्रभावित किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली आपदा प्रबंधन प्रणाली से वर्तमान स्थिति की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने अंतरविभागीय समन्वय, पूर्व चेतावनी और केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष के माध्यम से आपातकालीन प्रतिक्रिया को प्राथमिकता दी थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में संकट से निपटने के लिए दूरदर्शिता, समन्वय और प्रभावी योजना का अभाव है।
बीजेडी सांसद ने सरकार से बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों के लिए बचाव अभियान को तुरंत तेज करने और भोजन, सुरक्षित पेयजल, दवाइयां और उचित चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
ओडिशा भर में बीजेडी नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए सुलता देव ने उनसे संकटग्रस्त परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाना और प्रभावित लोगों को तत्काल राहत प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और आपदा प्रबंधन में कथित विफलताओं के लिए जवाबदेही की मांग की।

