अहमदाबाद, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शनिवार को युगांडा महिला टीम के खिलाफ 35-15 से जीत दर्ज करते हुए उद्घाटन कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम अजेय रही।
फाइनल मुकाबले में साक्षी भारत की सबसे सफल रेडर रहीं। उन्होंने 10 रेड में कुल 9 अंक हासिल किए, जिनमें 2 बोनस अंक भी शामिल थे। फाइनल में साक्षी ने पहले हाफ में ही शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने सात अंक जुटाए, जब उनकी सभी छह रेड में सफल रहीं।
उनके अलावा, अनु ने 6 रेड प्वाइंट्स हासिल किए, जबकि कप्तान निधि शर्मा ने 3 बोनस प्वाइंट्स समेत कुल 5 प्वाइंट्स बनाए। ऋतु और सुमन ने डिफेंस की कमान संभाली और 4-4 टैकल प्वाइंट्स हासिल किए। भारत ने कुल 20 रेड प्वाइंट्स और 10 टैकल प्वाइंट्स बनाए, साथ ही युगांडा को 2 बार ‘ऑलआउट’ भी किया।
युगांडा की तरफ से नकायोंगों शिरात ने मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने टीम की कुल 35 रेड में से 24 रेड कीं और 11 प्वाइंट्स (3 बोनस प्वाइंट्स सहित) हासिल किए। युगांडा के बाकी रेडर्स मिलकर सिर्फ 3 प्वाइंट्स ही बना सके, जबकि सेमीफाइनल की स्टार खिलाड़ी नालवोगो नाहिया केवल 1 प्वाइंट्स ही ले पाईं।
पूरे मैच में युगांडा केवल एक बार भारतीय रेडर को रोकने में कामयाब रहा, जब दूसरे हाफ में जालवांगो जेमिमा ने एक सफल टैकल किया। युगांडा ने कुल 14 रेड प्वाइंट्स और 1 टैकल प्वाइंट्स हासिल किया।
पहले हाफ में 10 मिनट का खेल बाकी रहते हुए भारत 7-3 से आगे था, जिसके बाद टीम ने अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। इसके बाद भारत ने युगांडा के खिलाफ 15-4 के अंतर से प्वाइंट्स बनाए, जिसमें एक ‘ऑलआउट’ भी शामिल था। इस तरह हाफ-टाइम तक भारत 22-7 से आगे हो गया। पहले हाफ में भारत की एक भी रेड असफल नहीं रही, जबकि युगांडा के सभी 9 टैकल प्रयास नाकाम रहे। वहीं, भारतीय डिफेंडर्स ने 6 सफल टैकल किए।
ब्रेक के बाद युगांडा ने रेड प्वाइंट्स के मामले में भारत को 7-6 से पीछे छोड़ा, लेकिन मैच खत्म होने से 10 मिनट पहले भारत द्वारा किए गए दूसरे ‘ऑलआउट’ ने जीत को पूरी तरह पक्का कर दिया। मैच के दौरान, भारत ने युगांडा के रेडर्स को 10 बार टैकल किया और उनके चार ‘डू-ऑर-डाई’ रेड्स में से तीन को सफल रेड में बदल दिया।
अहमदाबाद में भारतीय महिला टीम का सफर शानदार रहा, जहां उन्होंने अपने सभी छह मुकाबलों में जीत हासिल की। भारतीय टीम ने मलेशिया के खिलाफ 73-13 की जीत के साथ शुरुआत की, फिर सिंगापुर को 32-16, युगांडा को 41-18 और नाइजीरिया को 38-10 से हराकर ‘ग्रुप-ए’ में टॉप पर रहीं। इसके बाद, सेमीफाइनल में उन्होंने श्रीलंका को 39-14 से हराया और फिर फाइनल मैच में युगांडा को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की।

