मुंबई, 1 नवंबर (आईएएनएस)। अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे हॉरर फिल्म ‘झाड़ फूंक’ के साथ अभिनय की दुनिया में वापसी कर रही हैं। अभिनेत्री का कहना है कि जब उन्हें इस फिल्म की कहानी सुनाई गई तो वह इतनी डरावनी लगी कि उन्होंने सोचा कि क्या वह खुद यह फिल्म देख भी पाएंगी या नहीं।
अभिनेत्री ने आईएएनएस के साथ बातचीत में हॉरर फिल्म में काम करने के अपने अनुभव, अंधविश्वास को लेकर अपनी सोच और फिल्म की कास्ट के साथ अपने जुड़ाव के बारे में बात की। ‘झाड़ फूंक’ को अपनी दूसरी हॉरर फिल्म बताते हुए एक्ट्रेस ने कहा, “यह मेरी दूसरी हॉरर फिल्म है। मैंने ‘गहराई’ नाम की एक फिल्म की थी।”
अभिनेत्री ने बताया कि भारत में लोग ऐसी चोजों पर बहुत विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा, “भारत में रहने वाले लोग, ‘झाड़ फूंक’ बहुत ज्यादा विश्वास करते हैं। हमारे निर्देशक राजन जी ने जिस तरह से यह फिल्म बनाई है, वह काफी काबिले तारीफ है। जब निर्देशक ने इस फिल्म के बारे में मुझे बताया था, तभी मैंने उनसे कहा था कि मुझे नहीं लगता है कि मैं इस फिल्म को देख पाऊंगी।”
एक्ट्रेस ने दिग्गज एक्टर यशपाल शर्मा के साथ स्क्रीन शेयर करने के बारे में भी बात की और उनके समर्पण और प्रोफेशनलिज्म की तारीफ की। उनका मानना है कि सीखना एक निरंतर प्रक्रिया है, चाहे एक्टर कितना भी अनुभवी क्यों न हो। पद्मिनी ने कहा कि उन्होंने अपने सह-कलाकारों के साथ काम करते हुए कई चीजें सीखीं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है, इंसान हमेशा सीखता है। चाहे वह कितना भी सीनियर क्यों न हो। जूनियर्स सीनियर्स से सीखते है, सीनियर्स जूनियर्स से सीखते हैं। तो, इस फिल्म के दौरान मैंने बहुत कुछ सीखा। यशपाल जी थे और उनके बारे में मैं क्या कहूं? उनका किरदार बहुत अच्छा है और इसे लेकर उनका समर्पण कमाल का है। वह बहुत प्रोफेशनल, समर्पित और बहुत ही वर्सेटाइल एक्टर हैं।”
पद्मिनी ने अपने किरदार कामिनी और सह-कलाकारों सुम्बुल तौकीर और हर्ष राजपूत के साथ काम करने के बारे में भी बताया। वहीं, डायरेक्टर राजन ने इस फिल्म के लिए दिग्गज एक्ट्रेस को चुनने की वजह बताई। उन्होंने कहा, “मैं पद्मिनी जी का बहुत बड़ा फैन हूं। इसके अलावा, उनकी मासूमियत और खूबसूरती उन्हें सबसे अलग बनाती है। जब वह फ्रेम में आती हैं, तो लोग कहते हैं, ‘वाह!’ जहां तक कामिनी के किरदार और उसके अलग-अलग रंगों की बात है, मुझे नहीं लगता कि मैम से बेहतर कोई इसे निभा सकता था।”

