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ये इंडी गठबंधन नहीं, ठगबंधन है, ये विरोध नहीं अवरोध प्रदर्शन है : शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे

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मुंबई, 1 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली में विपक्ष की रैली को लेकर शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे ने तीखा हमला बोला। उन्होंने रैली को ‘विरोध नहीं, अवरोध प्रदर्शन’ और इंडी गठबंधन को ‘ठगबंधन’ करार दिया। साथ ही तंज कसा कि महाकुंभ का अपमान करने वाले अब 50 हजार की भीड़ को 10 लाख बता रहे हैं, जबकि 20-30 साल तक प्रधानमंत्री पद पर नो वैकेंसी है।

शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा, “दिल्ली देश की राजधानी के साथ-साथ देश का दिल और धड़कन भी है। आप वहां पर इतने हजारों लोगों को लेकर पहुंच रहे हैं। चारों तरफ आप वहां भीड़-भाड़ करना चाहते हैं, ट्रैफिक जाम करना चाहते हैं, आप वहां नारेबाजी करना चाहते हैं। अरे, यह आप दस दिन बाद कर सकते थे, दस दिन पहले कर सकते थे। आपने 1 नवंबर इसलिए चुना है क्योंकि आपको पता है कि हिंदुओं और सनातनियों का सबसे बड़ा त्योहार दीपावली है। भाई दूज है, फिर कुछ ही दिनों बाद छठ है। आप लोग परेशान हैं कि हम कैसे अपने जीवन में खुशियां लाएं और आप उनकी खुशियों पर पानी फेर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि आज लोग एक जगह से दूसरी जगह अपने घर जाना चाहते हैं, अपने रिश्तेदारों के पास जाना चाहते हैं। आपने पूरा जाम करके रखा हुआ है। यह जो रैली है न, इससे आपको और नुकसान होने वाला है। पता नहीं कौन इन लोगों को बुद्धि देता है। आप अच्छा करने जाते हैं तो भी खराब हो जाता है। अभी देखिए न, एक दिन पहले ही इंद्र देवता भी आपसे नाराज हैं। और जहां कीचड़ होता है, वहां कमल खिल जाता है। जितनी कोशिश आप करते हो, कमल खिलाने के लिए उतना ही कीचड़ स्वयं वहां कर देते हो। आपसे यही कहेंगे कि व्यापारियों का थोड़ा ध्यान रखो, ट्रेड यूनियनों का ध्यान रखो। उनके भी परिवार हैं, उनकी भी रोजी-रोटी है, उनके भी पेट हैं। आप अपनी राजनीति चमकाने के चक्कर में उनको क्यों तकलीफ दे रहे हो?

उन्होंने कहा कि आप कह रहे हैं कि पूरे भारत से हम लोगों को ला रहे हैं। दिल्ली की जनता आपके साथ होती तो इतने लोगों को पूरे भारत से ट्रेन, बस और अन्य साधनों से लाने की जरूरत नहीं पड़ती। वो सब मिलाकर भी लाख आदमी जमा नहीं कर पा रहे हो और कह रहे हो कि आप दस लाख लाएंगे। दस लाख आदमी कभी देखे हैं? जहां देखना था वहां तो गए नहीं। महाकुंभ में जाते तो कम-से-कम थोड़ी सद्बुद्धि मिल जाती, जहां करोड़ों आदमी आते हैं, जहां 45 करोड़ से ज्यादा लोग आए। उस महाकुंभ का आपने तिरस्कार किया, उसका अपमान किया। जहां लाख-पचास हजार आदमी हैं, उसको आप दस लाख बता रहे हो।

उन्होंने कहा कि पता नहीं आपके कौन प्लानर हैं, आपका थिंक टैंक कौन है, हमें तो यह समझ नहीं आता। तो बीस-पच्चीस साल, तीस साल तक तो प्रधानमंत्री पद के लिए नो वैकेंसी है। तब तक करते रहिए रैली, रैला, जो भी आपको करना है। जनता तो सब देख रही है। यह इंडी गठबंधन का ठगबंधन है। यह विरोध प्रदर्शन नहीं है, यह अवरोध प्रदर्शन है। यह लोकतंत्र को एक प्रकार से कमजोर करना चाहता है। आपको पार्लियामेंट में चर्चा के लिए बुलाया जाता है, तब आप वहां आते नहीं हैं और आप मॉक पार्लियामेंट चलाते हो। नकली संसद, जिसमें आप नकली प्रधानमंत्री बनते हो, नकली सरकार बनाते हो। ऐसे देश नहीं चलता है।

आनंद दुबे ने कहा कि यहां सब असली होता है। चुनाव लड़ना पड़ता है, लोगों का विश्वास जीतना पड़ता है। फिर चुनाव जीतने के बाद काम करके दिखाना पड़ता है। सबका साथ, सबका विकास करना पड़ता है। लोगों की सुख-सुविधाओं का ख्याल रखना पड़ता है। तब लोग आपसे जुड़ते हैं।

सपा नेता आजम खान को लेकर उन्होंने कहा कि ये जो एजेंसियां हैं हमारे देश की, इनके ऊपर जिम्मेदारी है कि कोई देश का पैसा लेकर कहीं गलत कार्य न करे। उस पर कार्रवाई हो रही है। आप इसमें रो क्यों रहे हैं? आप बताइए कोर्ट में जाकर कि हम गलत नहीं हैं। आप अभी जेल से निकले हैं। अब जेल में जाकर ईडी पूछे तो आपको तकलीफ, जेल से निकले हैं और ईडी पकड़ ले तो आपको तकलीफ। क्या चाहते हैं?