नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली में विपक्ष की रैली को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है। साथ ही, उन्होंने विपक्ष की रैली को फ्लॉप बताते हुए दावा किया कि जनता का समर्थन अब उनके साथ नहीं है।
भाजपा बिहार के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को धमकाने के लिए राहुल गांधी नया नाटक कर रहे हैं। उन्हें जनता का समर्थन नहीं मिल रहा है और वह लोगों को गुमराह कर रहे हैं। लोकतंत्र और संविधान की हत्या उनकी सरकारें करती रही हैं। जब देश में कांग्रेस की सरकार थी, तब उन्होंने जिस तरह राज्य सरकारों को गिराया और राष्ट्रपति शासन लगाया, उससे बड़ा संविधान का उल्लंघन और क्या हो सकता है?
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राहुल गांधी की वजह से प्रधानमंत्री नहीं हैं, बल्कि देश के लोगों के समर्थन के कारण प्रधानमंत्री बने हैं। राहुल गांधी लगातार संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं। एसआईआर की शुरुआत बिहार से हुई, लेकिन वे एक भी गलत मतदाता को सामने नहीं ला सके। रामलीला मैदान में पहुंचे कितने लोगों का नाम मतदाता सूची से कटा है? जब उनकी सरकार बनती है तो सब कुछ ठीक रहता है, लेकिन जैसे ही विपक्ष में जाते हैं तो ईवीएम हैक और वोट चोरी का बहाना लेकर आ जाते हैं।
उन्होंने कहा कि जहां-जहां उनकी सरकारें हैं, वहां के लोग एसआईआर की तारीफ कर रहे हैं और ये लोग दिल्ली में बैठकर कहते हैं कि एसआईआर खराब है। आखिर वे चाहते क्या हैं? जो लोग मर चुके हैं, क्या उन्हें श्मशान से निकालकर मतदान कराना चाहते हैं? जिन लोगों के नाम दो जगह दर्ज हैं, क्या उनसे दो-दो जगह मतदान कराना चाहते हैं?
उन्होंने सवाल किया कि क्या सिखों के नरसंहार का जश्न कांग्रेस पार्टी मना रही है? उनकी रैली फ्लॉप हो गई है। उन्हें जनता का समर्थन नहीं मिला। रैली में बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली थीं।
वहीं, भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि आपातकाल कांग्रेस सरकार के दौरान लगाया गया था। सिखों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार लोग आज यह बताने चले हैं कि लोकतंत्र नहीं बचेगा। राहुल गांधी एक असफल और राजनीतिक रूप से बेरोजगार नेता हैं। उनके पास देश में सिर्फ विवाद खड़ा करना और सुर्खियों में बने रहना ही काम बचा है। जिन राज्यों में उनकी सरकार है, वहां के कामकाज पर वे कोई चर्चा नहीं करते। यही वजह है कि चुनावों में जनता उन्हें नकार देती है।
मल्लिकार्जुन खड़गे पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार की कठपुतली की तरह काम कर रहे हैं। वह एक वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें पता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति कर रहा है। ऐसे में विपक्ष को रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए, लेकिन विपक्ष विध्वंसकारी भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव राजनीतिक वनवास में हैं। उनकी कहीं भी सरकार नहीं है, लेकिन वह भाजपा को सत्ता से हटाने की बात कर रहे हैं। अगर वे इतने ही मजबूत हैं कि भाजपा को हरा देंगे, तो फिर अकेले चुनाव क्यों नहीं लड़ते? कांग्रेस का सहारा क्यों ले रहे हैं?

