SGSU Advertisement
Home खेल मानवजीत सिंह संधू: विरासत में मिला शूटिंग का खेल, चार बार ओलंपिक...

मानवजीत सिंह संधू: विरासत में मिला शूटिंग का खेल, चार बार ओलंपिक में लिया हिस्सा, हासिल की कई बड़ी उपलब्धियां

0
5

नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। मानवजीत सिंह संधू की गिनती भारत के दिग्गज ट्रैप शूटर्स में की जाती है। उन्होंने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए। मानवजीत ने चार बार ओलंपिक में हिस्सा लिया। इसके बाद ही वह आईएसएसएफ वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप 2006 में चैंपियन बनने वाले पहले भारतीय शॉटगन शूटर भी रहे।

मानवजीत सिंह का जन्म 3 नवंबर 1976 को पंजाब के अमृतसर में हुआ। मानवजीत को शूटिंग का खेल विरासत में मिला। उनके पिता गुरबी सिंह संधू खुद एक शूटर थे। ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता पिता मानवजीत के शुरुआत में कोच भी रहे और उन्होंने ही बेटे को इस खेल की बारीकियां सिखाईं। मानवजीत सबसे पहले सुर्खियों में 1998 में आए, जब उन्होंने एशियन गेम्स में दमदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए सिल्वर मेडल जीता। इसके बाद इसी साल में मानवजीत कॉमनवेल्थ गेम्स में भी देश का परचम लहराने में सफल रहे और उन्होंने गोल्ड मेडल पर निशाना लगाया।

एक साल में दो बड़ी सफलता ने मानवजीत सिंह को देश और इंटरनेशनल स्तर पर पहचान दिलाने का काम किया। साल 2004 में हुए एथेंस ओलंपिक में उन्हें पहली बार देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। हालांकि, उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और वह 19वें स्थान पर रहे।

2006 में जागरेब में हुई विश्व चैंपियनशिप की ट्रैप शूटिंग में मानवजीत का जलवा देखने को मिला और वह गोल्ड मेडल लेकर लौटे। 2006 में ही मानवजीत ट्रैप शूटिंग की वर्ल्ड रैंकिंग में पहली बार नंबर वन बने। वह विश्व चैंपियनशिप में देश के लिए गोल्ड जीतने वाले अभिनव बिंद्रा के बाद महज दूसरे भारतीय खिलाड़ी बने।

साल 2008 में बीजिंग में हुए ओलंपिक में भी मानवजीत ने जगह बनाई, लेकिन एक बार फिर वह खाली हाथ लौटे। 2012 और रियो ओलंपिक 2016 में भी मानवजीत ने हिस्सा लिया, लेकिन वह ओलंपिक में देश के लिए मेडल नहीं ला सके। मानवजीत ने अपने करियर में एशियन गेम्स में चार सिल्वर मेडल अपने नाम किए।

वहीं, एशियन क्ले शूटिंग चैंपियनशिप में मानवजीत ने छह गोल्ड मेडल जीते। मैक्सिको में हुए वर्ल्ड कप में भी मानवजीत ने दमदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। शूटिंग में अहम योगदान के लिए मानवजीत को साल 2006 में ‘राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार’ और 1998 में ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।