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मध्य प्रदेश में किसानों की बदल रही आर्थिक स्थिति

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भोपाल, 4 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में किसान नवाचार के साथ प्राकृतिक खेती को अपना रहे हैं और इसका असर किसानों की आर्थिक स्थिति में भी नजर आ रहा है। प्रगतिशील किसानों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ संवाद में बदलती स्थिति की कहानी सुनाई।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को पांढुर्णा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संवाद किया। बलराम कृषि महोत्सव में जिले के उन्नतशील कृषकों ने मुख्यमंत्री से संवाद कर खेती-किसानी में किए जा रहे नवाचारों और अपनी सफलता के अनुभव साझा किए। विकासखंड सौंसर के ग्राम भुम्मा के कृषक मटरूलाल डोंगरे ने बताया कि वे प्राकृतिक खेती से हल्दी, अरहर एवं गेहूं का उत्पादन कर रहे हैं। वे उत्पादों का वैल्यू एडिशन कर प्रतिवर्ष 2 से 2.5 लाख रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित कर रहे हैं। उनके प्राकृतिक उत्पाद जापान और ऑस्ट्रेलिया तक पहुंच रहे हैं।

ग्राम तिगांव के कृषक नरेंद्र ठाकरे ने बताया कि 16 एकड़ में संतरे का उत्पादन कर प्रतिवर्ष 15 से 20 लाख रुपए की आय अर्जित कर रहे हैं। इसके साथ ही वे पशुपालन एवं सब्जी उत्पादन भी कर रहे हैं। ग्राम पारडसिंगा की रोशनी नरवरे ने बताया कि 14 गांवों की 350 महिलाओं को जोड़कर देशी कपास से खादी, सीड बॉल एवं सीड ज्वेलरी का निर्माण करवा रही हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से इन उत्पादों की बिक्री कर महिलाएं अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। पांढुर्णा के कृषक कृष्ण कुमार रबड़े ने पीएमएफएमई योजना का लाभ लेकर दुग्ध प्रसंस्करण इकाई स्थापित की है। वे पनीर, श्रीखंड, घी एवं मावा का उत्पादन कर प्रतिवर्ष 8 से 10 लाख रुपए की आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी इकाई से 8 से 10 लोगों को रोजगार भी मिला है।

इसी प्रकार ग्राम पिपलानी के कृषक विजेश भादे ने बताया कि आत्मा योजना के तहत बीआरसी सेंटर स्थापित कर 2.5 एकड़ में जैविक खेती कर रहे हैं। पशुपालन एवं उद्यानिकी सहित समन्वित खेती अपनाकर वे प्रतिवर्ष 3 से 4 लाख रुपए की आय अर्जित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। किसान, महिला, युवा एवं गरीब सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। किसानों की आय बढ़ाने और समृद्धि के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

सीएम ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती और किसान हितैषी योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। पांढुर्णा जिला गेहूं, मक्का, चना, तुअर और संतरा उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है। यहां खेती-किसानी के साथ किसानों की आय और दुग्ध उत्पादन में भी निरंतर वृद्धि हो रही है। कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए सर्वे कराया जा रहा है। किसानों को हरसंभव सहायता एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

पांढुर्णा जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा ‍कि पांढुर्णा जिला खेती के साथ कृषि आधारित उत्पादों के निर्माण में भी आगे बढ़ रहा है। जिले में स्थापित विभिन्न कृषि आधारित इकाइयों से युवाओं को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को उनकी सम्पत्ति की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। मध्य प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने किसानों को आधुनिक एवं उन्नत खेती के नवाचारों से जोड़ने और बलराम जयंती को ‘किसान दिवस’ घोषित करने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव का आभार माना।