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कर्नाटक सरकार किराया बढ़ाकर जनता पर बोझ डाल रही है: भाजपा

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बेंगलुरु, 4 नवंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बुधवार को कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह 5,650.95 करोड़ रुपए का बकाया रोककर राज्य परिवहन निगमों को वित्तीय संकट में धकेल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए जनता पर बस किराए में भारी वृद्धि का बोझ डाल रही है।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अशोक ने कहा कि अगर सरकार ने बकाया राशि का भुगतान कर दिया होता तो बस किराए बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं होती। इसके बजाय, सरकार ने मनमाने ढंग से किराया बढ़ा दिया है, जिससे यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

उन्होंने इस वृद्धि को तुगलक शासन से भी बदतर बताया और आरोप लगाया कि किराए में 40 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।

उन्होंने बताया कि सरकार पर कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (केएसआरटीसी) का 2,943 करोड़ रुपए, नॉर्थ वेस्ट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एनडब्ल्यूकेआरटीसी) का 1,306 करोड़ रुपए, बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (बीएमटीसी) का 1,019 करोड़ रुपए और कल्याण कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (केकेआरटीसी) का 999 करोड़ रुपए बकाया है।

उन्होंने आगे बताया कि इन परिवहन निगमों पर कर्मचारियों के भविष्य निधि का 2,901.53 करोड़ रुपए और ईंधन का 827.37 करोड़ रुपए का बकाया भी है।

परिवहन मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए अशोक ने कहा कि उनके नेतृत्व में निगमों ने पांच वर्षों तक लाभ दर्ज किया था। विभाग ने अपने स्वयं के कोष से 1,110 एकड़ भूमि खरीदी थी, जिससे लगभग 10,000 करोड़ रुपए का लैंड-बैंक तैयार हुआ। उन्होंने कहा कि परिवहन टर्मिनलों और वाणिज्यिक परिसरों से भी 40-50 करोड़ रुपए का किराया राजस्व प्राप्त हुआ था।

उन्होंने आरोप लगाया कि निगम अब डीजल और पुर्जों की खरीद के लिए संघर्ष कर रहे हैं, और उन्होंने बसों के स्टीयरिंग व्हील के निकल जाने, यात्रियों द्वारा बसों को धक्का देने और एक बस के बिना हेडलाइट्स के मोबाइल फोन की टॉर्च से चलने जैसी घटनाओं का हवाला दिया।

सरकार के वित्तीय प्रबंधन की आलोचना करते हुए अशोक ने कहा कि मई 2026 में निगमों की कुल देनदारी 7,130.80 करोड़ रुपए थी, जिसमें वेतन, भविष्य निधि और ग्रेच्युटी बकाया शामिल हैं।

उन्होंने दूध और दही की कीमतों में हाल ही में हुई वृद्धि की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि सरकार दूध उत्पादकों को प्रोत्साहन बढ़ाने के अपने वादे को पूरा करने में विफल रही है, जबकि वित्तीय बोझ उपभोक्ताओं पर डाल रही है। उन्होंने दावा किया कि मूल्य संशोधन से एक परिवार का मासिक खर्च लगभग 390 रुपए बढ़ जाएगा।

अशोक ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर वित्तीय सहायता के बिना वादे करने का आरोप लगाते हुए राज्य की वित्तीय स्थिति और वित्त विभाग के पास उपलब्ध धनराशि पर एक श्वेत पत्र की मांग की।

उन्होंने जनता से किराया वृद्धि के खिलाफ आंदोलन में शामिल होने की अपील की और घोषणा की कि भाजपा 5 नवंबर को बेंगलुरु सहित सभी जिला मुख्यालयों पर राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी।