नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस तरकश ने मॉरीशस के पोर्ट लुई में अपना अभियान पूरा कर लिया है। इस अभियान के दौरान भारतीय अधिकारियों ने मॉरीशस के गृह मामलों की सचिव से मुलाकात की। समुद्री सुरक्षा का अभ्यास किया। मॉरीशस के पुलिस कमिश्नर इस दौरान भारतीय युद्धपोत का दौरा किया।
मॉरीशस में अभियान पूरा करने के बाद अब यह भारतीय युद्धपोत अगले अभियान के लिए मॉरीशस से रवाना हो गया है। यहां भारतीय जहाज के चालक दल ने न केवल मॉरीशस के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की, बल्कि वहां के तटरक्षक बल के साथ प्रशिक्षण और संयुक्त समुद्री निगरानी अभियान में भी हिस्सा लिया। इस दौरान दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में कई गतिविधियां हुईं।
गुरुवार को भारतीय नौसेना ने बताया कि आईएनएस तरकश के कमांडिंग ऑफिसर ने मॉरीशस के गृह मामलों की सचिव कान ओये फोंग और पुलिस आयुक्त रामप्रसाद सूरूजबली से मुलाकात की। मॉरीशस के पुलिस आयुक्त ने जहाज का दौरा भी किया। उन्होंने यहां भारतीय नौसेना के अधिकारियों एवं जवानों से बातचीत की।
इस यात्रा का एक खास पड़ाव 2026 के आप्रवासी दिवस से जुड़ा आयोजन रहा। आईएनएस तरकश पर इस अवसर पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मॉरीशस सरकार के शिक्षा एवं मानव संसाधन मंत्री डॉ. महेंद गंगापरसाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मॉरीशस में भारत के उच्चायुक्त अनुराग श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। जहाज के चालक दल ने दो नवंबर को अप्रवासी दिवस की 192वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में भी भाग लिया। दौरे के दौरान भारतीय नौसेना ने मॉरीशस के तटरक्षक बल के साथ व्यावहारिक सहयोग को भी आगे बढ़ाया।
आईएनएस तरकश के चालक दल ने मॉरीशस के तटरक्षक कर्मियों को विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा, चालक दल ने होस्पिस सेंट जीन डी डियू का दौरा कर वहां सामाजिक संपर्क कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पोर्ट लुई में अपने प्रवास के अंतिम चरण में आईएनएस तरकश ने मॉरीशस तटरक्षक बल के जहाज सीजीएस वैलियंट के साथ समुद्री अभ्यास (पासेक्स) किया। इसके बाद दोनों देशों के तटरक्षक बलों ने एक डॉर्नियर विमान की मदद से मॉरीशस के विशेष आर्थिक क्षेत्र में संयुक्त निगरानी अभियान भी चलाया।
इस दौरे के बाद आईएनएस तरकश अपने समुद्री अभियान के अगले चरण के लिए रवाना हो गया है। यह यात्रा भारत और मॉरीशस के बीच लंबे समय से चले आ रहे समुद्री सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
