नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एकजुटता और भारत के सहयोग की सराहना करते हुए संकट के समय नेपाल के साथ खड़े रहने के लिए भारत सरकार का आभार जताया है।
नेपाल की राजधानी काठमांडू में गुरुवार को भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं और आपसी सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई।
नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री शाह ने रासुवा-भोटेकोशी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत सरकार की ओर से तत्काल राहत सामग्री और बचाव दल भेजने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एकजुटता की भी सराहना की और खेल विकास के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं के बारे में जानकारी ली।
बयान में कहा गया कि विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रधानमंत्री शाह को उनकी आगामी भारत यात्रा की तैयारियों और ऊर्जा, जल संसाधन, व्यापार, पारगमन तथा विमानन के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अयोध्या-जनकपुर रेल सेवा का ट्रायल रन गुरुवार को किया गया।
मुलाकात के दौरान मिस्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बालेन्द्र शाह को शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने भारत और नेपाल के बीच विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति का उल्लेख किया। साथ ही नेपाल के प्रधानमंत्री की आगामी भारत यात्रा के दौरान संभावित परिणामों और नई पहलों पर भी चर्चा की।
इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले, विदेश मंत्री शिशिर खनाल, ऊर्जा, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री बिराज भक्त श्रेष्ठ और बुनियादी ढांचा विकास मंत्री सुनील लम्साल से भी मुलाकात की। बुधवार को दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई थी। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में जारी सहयोग की समीक्षा की गई और भारत-नेपाल के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई।
विदेश सचिव मिस्री ने भारत-नेपाल संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं पर्यटन संबंधी संसदीय समिति के सदस्यों सहित सांसदों के एक समूह से भी बातचीत की। विदेश मंत्रालय (एमईए) की ओर से जारी बयान के अनुसार, विभिन्न बैठकों के दौरान नेपाली नेतृत्व ने रासुवा-भोटेकोशी बाढ़ के बाद भारत की ओर से दी गई त्वरित और व्यापक मानवीय एवं तकनीकी सहायता के लिए आभार जताया।
दोनों पक्षों ने व्यापार एवं वाणिज्य, विकास साझेदारी, जलविद्युत, भौतिक संपर्क, सीमा प्रबंधन, ऊर्जा और जन-जन के बीच संबंधों जैसे पारंपरिक सहयोग के क्षेत्रों में बढ़ती भागीदारी पर संतोष जताया। इसके अलावा स्टार्टअप, डिजिटल कनेक्टिविटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और खेल जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
दोनों देशों ने भारत-नेपाल द्विपक्षीय साझेदारी को सभी क्षेत्रों में और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेश सचिव की यह यात्रा दोनों देशों के बीच मित्रता और सहयोग के करीबी संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए नियमित उच्चस्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा का हिस्सा है।
