नई दिल्ली, 7 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को आईएएनएस के साथ देश और राजनीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने सरकार प्रमुख के रूप में नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों और इस दौरान उनकी उपलब्धियों पर अपने विचार रखे।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मैं इन 25 वर्षों को उनके सेवा और समर्पण और तपस्या का समय मानता हूं। जिस प्रकार से एक व्यक्ति ने अपने जीवन के 25 साल देश सेवा, समाज सेवा, गरीब के जीवन में बदलाव लाने के लिए दिए, वो देश के सामने एक मिसाल है। जब वो गुजरात के मुख्यमंत्री रहे तो उन्होंने गुजरात को विकास का एक नया मॉडल दिया। देश ने भी गुजरात मॉडल के रूप में विकास के उस आयाम को देखा। एक आपदा को भी उन्होंने एक अवसर में कैसे बदला, ये गुजरात के लोगों ने देखा। उस भयानक भूकंप के केंद्र कच्छ से लेकर अलग-अलग स्थानों पर। गुजरात के एक विकसित प्रदेश बनाने में उन्होंने अपनी महती भूमिका निभाई। उन्होंने देश के वाइब्रेंट गुजरात के रूप में देश को विकास का एक नया मॉडल दिया।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 साल में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जो बदलाव देखने को मिला, उसको लोगों ने नजदीक से देखा। आज 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से अगर बाहर आते हैं तो ये प्रधानमंत्री मोदी की सबसे बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि अभी तक लोगों ने गरीब हटाओ के नाम पर गरीबों को ही लाइन से हटाया है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इसको संभव करके दिखाया। साथ ही साथ देश में विकास केंद्रित राजनीति नहीं थी। प्रधानमंत्री मोदी ने यह सुनिश्चित करके दिखाया कि प्रो-इनकबेंसी क्या होती है। उन्होंने करके दिखाया कि अगर सरकारें काम करती है, लोगों के जीवन में बदलाव लाती हैं तो फिर से उनको मौका मिलता है।
नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने विकास से जुड़ी राजनीति को देखा है। सबसे बड़ी बात पिछले 12 साल में देश का एक-एक नागरिक अपने-अपने को भारतीय होने पर गौरवान्वित महसूस करता है। पहले इसी देश में जैसे पहले हमारे सैनिकों के सिर काट लिए जाते थे और दिल्ली में बैठी सरकारें मौन रही थीं, लेकिन आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कोई हमारी तरफ आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं करता है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक पटल पर आज भारत की साख बढ़ी है। आज भारत को ध्यान से सुना जाता है। पहले दिल्ली की सरकारें कहती थीं कि दिल्ली से अगर एक रुपया चलता है तो लोगों तक केवल 15 पैसे पहुंचते हैं, लेकिन आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दिल्ली से एक रुपया चलता है तो पूरा का पूरा रुपया गरीब के अकाउंट में आता है। ये बदलाव लोगों के जीवन में आया है।
