नई दिल्ली, 7 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को आईएएनएस के साथ देश और राजनीति से जुड़े कई विषयों पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों द्वारा एसआईआर पर उठाए जा रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि नियम कानून-कानून कांग्रेस के समय के ही हैं, फिर पता नहीं उनको दिक्कत क्यों हो रही है? विपक्ष 13 करोड़ लोगों की वोट कटने की बात करता है, लेकिन इन 13 करोड़ लोगों में 6 करोड़ वो लोग हैं, जिनके नाम दो जगहों पर थे। करीब तीन करोड़ लोग अपना डेटा मैच नहीं कर पाए। जबकि 8 करोड़ से ज्यादा वो लोग हैं, जो अब दुनिया में हैं ही नहीं। अब आप ही बताइये क्या ऐसे लोगों को वोटर लिस्ट में रहने दिया जाए।
उन्होंने कहा कि अब जब वोटर लिस्ट का शुद्धीकरण हो रहा है तो कांग्रेस और राहुल गांधी को बेचैनी क्यों हो रही है? क्या वो नहीं चाहते कि देश की वोटर लिस्ट का शुद्धीकरण हो? कहीं न कहीं उनकी मंशा देश के संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने की है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी ऐसी किसी मंशा को कामयाब नहीं होने देगी।
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को डिबेट के लिए चुनौती देने वे सवाल पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी नकल करके ही आगे सोचते हैं। अगर प्रधानमंत्री मोदी सोशल मीडिया पर देशवासियों से बात करते हैं या संबोधित करते हैं तो इसके लिए 25 सालों तक तपस्या करनी पड़ती है। मुझे संदेह है कि उन्होंने अभी तक अपने किसी संसदीय क्षेत्र में विकास के नाम का एक भी पत्थर लगाया है या नहीं। केरल से लेकर उत्तर प्रदेश तक उनके खुद के नाम की एक भी उपलब्धि नहीं है। वो बात अलग है कि वो आंकड़े के नाम पर नेता विपक्ष बने हैं। लेकिन नरेंद्र मोदी से सवाल करने के लिए सदन का पटल दिया गया है। आप आइए और सवाल कीजिए। रही बता आपके सवालों के जवाब कि तो उसके लिए हमारे नेता को आने की जरूरत नहीं है। आपके सवालों का जवाब देने के लिए हमारा एक मडल अध्यक्ष ही काफी है। आपकी एक-एक बात का जवाब भाजपा का एक कार्यकर्ता दे सकता है। बावजूद इसके अगर आप संसद में आएंगे तो आपके सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे।
रिजीम चेंज की बात को सरकार के खिलाफ साजिश बताते हुए नितिन नवीन ने कहा कि कुछ समूहों को इकट्ठा करके और उनको भीड़ का तंत्र बनाकर और दूसरे देशों के उदाहरण को लेकर और उनसे सीख कर यहां पर प्रयास करने वालों को मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। देश का युवा विकास के साथ है, देश का देश के सांस्कृति मूल्यो, सांस्कृतिक विरासत और सुरक्षा के साथ जुड़ा है। अगर वो सोचते हैं कि देश के युवा को भ्रमित किया जा सकता है तो यह उनकी गलतफहमी है। उन्होंने जब-जब ऐसा कोई प्रयास किया है, मुंह की खाई है। इस देश में टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ खड़ा होकर आप युवाओं का आह्लान करेंगे तो क्या देश का युवा उनके साथ खड़ा हो जाएगा? विदेश फंडिंग के नाम पर राजीव गांधी फाउंडेशन चलाने वाले इस देश के राजनीतिक परिदृश्य को गढ़ पाएंगे क्या, कभी संभव नहीं है।
